फिल्म पद्मावती पर बढ़ा विवाद, उमा भारती ने लिखा खुला खत

नई दिल्ली ( 4 नवंबर ): संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' को लेकर शुरू हुआ विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। मोदी सरकार में मंत्री उमा भारती भी अब इस विवाद में कूद गई हैं। अब केंद्रीय जल और स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने भी इस पर सवाल उठाते हुए खुला खत लिखा है। अपनी बात कहते हए उन्होंने लिखा है कि अलाउद्दीन खिलजी एक व्यभिचारी हमलावर था। उसकी बुरी नजर रानी पद्मावती पर थी और इसके लिए उसने चित्तौड़ को नष्ट कर दिया था। 

उमा भारती ने शनिवार को फिल्म के सिलसिले में कई ट्वीट किए। उन्होंने लिखा 'रानी पद्मावती के विषय पर मैं तटस्थ नहीं रह सकती। मेरा निवेदन है कि पद्मावती को राजपूत समाज से न जोड़कर भारतीय नारी के अस्मिता से जोड़ा जाए।'

2. मैंने एक खुला पत्र लिखा है, जिसे मैं टुकड़ों में ट्वीट कर रही हूं। आप पूरा पत्र नीचे दिए लिंक पर पढ़ सकते हैं - https://t.co/8lZz0Eu5J3

— Uma Bharti (@umasribharti) November 4, 2017

न्होंने लिखा कि क्यों न रिलीज से पहले इतिहासकार, फ़िल्मकार और आपत्ति करने वाला समुदाय के प्रतिनिधि और सेंसर बोर्ड मिलकर कमेटी बनाये और वो इसपर फैसला करे।

बता दें कि चित्तौड़गढ़ की महारानी पद्मावती पर आधारित संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' एक दिसम्बर को रिलीज हो रही है।