कश्मीर पर पटेल को नेहरू न रोकते तो इतिहास कुछ और होता: जितेंद्र सिंह

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (27 जून): केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कश्मीर की समस्या के लिए कांग्रेस पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है। सिंह ने कांग्रेस पर तत्कालीन गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को अपने तरीके से काम नहीं करने देने का आरोप लगाया है।

सिंह ने कहा कि अगर सरदार पटेल को कश्मीर को हैंडल करने की खुली छूट होती तो वो देश की बाकी रियासतों की तरह ही पूरे कश्मीर को भी भारत का हिस्सा बना देते। सिंह ने कहा, ”अगर तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू गृहमंत्री सरदार पटेल को बाकी रियासतों की तरह ही जम्मू-कश्मीर पर भी खुली छूट दे देते तो मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि आज भारतीय उपमहाद्वीप का इतिहास कुछ और होता।”

जितेंद्र सिंह का बयान सैफुद्दीन सोज के उस बयान पर आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरदार पटेल व्यावहारिक थे और कश्मीर को लियाकत अली खान (तब पाक प्रधान मंत्री) की पेशकश की थी। सरदार वल्लभ भाई पटेल हमेशा चाहते थे कि कश्मीर का विलय पाकिस्तान में हो जाए, लेकिन जवाहर लाल नेहरू ऐसा नहीं चाहते थे।

देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की वजह से ही जम्मू-कश्मीर भारत के पास है। अपनी किताब की लांचिंग के मौके पर सैफुद्दीन सोज ने कहा कि सरदार पटेल कश्मीर को पाकिस्तान को देने के पक्ष में थे।

केंद्रीय मेंत्री ने कहा कि ऐसा इसलिए हुआ क्‍योंकि नेहरू का मानना था कि कश्मीर मामलात को वह बेहतर समझते और जानते हैं। यही वजह है कि उन्होंने अपने गृहमंत्री को अन्‍य रियासतों की तरह जम्‍मू-कश्‍मीर की जिम्‍मेदारी नहीं दी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसा इसलिए भी हुआ,  क्योंकि नेहरू के शेख अब्दुल्ला के लिए विशेष संबंध था। इसलिए वह उन पूर्वाग्रहों से ग्रसित थे।