12 साल तक की बच्ची से रेप पर मौत की सजा, पॉक्‍सो एक्‍ट में बदलाव को कैबिनेट की मंजूरी

नई दिल्ली (21 अप्रैल): शनिवार को कैबिनेट की बैठक में पॉक्सो एक्ट में संशोधन को मंजूरी मिल गई है। जिसके बाद 12 साल से कम की बच्चियों के बलात्कार के दोषियों को मौत की सजा दिए जाने का रास्ता साफ हो गया है। प्रधानमंत्री मंत्री आवास पर बच्चों के साथ हुए यौन दुर्व्यवहार मामलों में  संशोधन के लिए क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट 2018 कैबिनेट में पास हो गया है।

जम्मू के कठुआ और उत्तर प्रदेश के एटा में नाबालिग बच्चियों के साथ रेप की घटनाओं ने देश को झकझोर कर रख दिया है, जिसके बाद सरकार नाबालिग बच्चियों से रेप करने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करने की तैयारियों में जुट गया था।

कैबिनेट की बैठक में 'प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस' यानी पॉक्सो एक्ट में संशोधन को मंजूरी मिलने से 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से रेप के दोषियों को मौत की सजा दिए जाने का रास्ता साफ हो जाएगा।

नए बदलाव के तहत लिए गए फैसले

-12 साल की बच्चियों से रेप पर फांसी की सजा -16 साल से छोटी लड़की से गैंगरेप पर उम्रकैद की सजा -16 साल से छोटी लड़की से रेप पर कम से कम 20 साल तक की सजा -सभी रेप केस में 6 महीने के भीतर फैसला सुनाना होगा -नए संशोधन के तहत रेप केस की जांच 2 महीने में पूरी करनी होगी -अग्रिम जमानत नहीं मिलेगी -महिला से रेप पर सजा 7 से बढ़कर 10 साल होगी