Budget 2019: आज आएगा मोदी सरकार 2.0 का पहला बजट, बजट में दिखेगी 'न्यू इंडिया' की तस्वीर

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (5 जुलाई): लोकसभा में मिले प्रचंड बहुमत के बाद आज पहली बार मोदी सरकार 2.0 का बजट आने वाला है। मोदी सरकार 2.0 आज सदन में अपना पहला बजट वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में पेश करेगी। इंदिरा गांधी ने बतौर वित्त मंत्री 28 फरवरी 1970 को केंद्रीय बजट पेश किया था। अब निर्मला सीतारमण बजट पेश करने वाली दूसरी महिला वित्त मंत्री बन जाएंगी। बताया जा रहा है कि बजट में राजकोषीय घाटे को काबू में रखने के साथ आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को गति देने पर सरकार का जोर रह सकता है। बजट से पहले सामने आए आर्थिक सर्वे से संकेत मिल रहे हैं कि नए बजट में प्राइवेट निवेश की मदद से रोजगार पैदा करने के साथ ही श्रम संबंधी कानून में जरूरी बदलाव, बेहतर टैक्स व्यवस्था और कम ब्याज दर जैसे बिंदुओं पर फोकस करते हुए सरकार देश की अर्थव्यवस्था को अगले स्तर पर ले जाना चाहेगी। वित्तमंत्री यह बजट ऐसे वक्त पेश करने जा रही हैं, जब कम विकास दर, रोजगार में कमी, मॉनसून की खराब शुरुआत, वैश्विक सुस्ती और ट्रेड वॉर जैसी चुनौतियां सामने हैं।

राजकोषीय स्थिति मजबूत करने के लिये कर दायरा बढ़ाने और अनुपालन बेहतर करने के इरादे से 10 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाने वालों पर 40 प्रतिशत की एक नई दर से कर लगाया जा सकता है। नौकरीपेशा लोगों के लिये महत्वपूर्ण आयकर के मोर्चे पर कर स्लैब में बदलाव की उम्मीद की जा रही है। 2019-20 के अंतरिम बजट में 5 लाख रुपये तक की आय पर कर छूट देने की घोषणा की गयी थी। फिलहाल 2.5 लाख रुपये से 5 लाख रुपये की आय पर 5 प्रतिशत, 5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक की आय पर 20 प्रतिशत और 10 लाख रुपये से ऊपर आय पर कर की दर 30 प्रतिशत है।

संसद में गुरुवार को पेश 2018-19 की आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि 2024-25 तक 5,000 अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनने के लिये सतत रूप से 8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने की जरूरत होगी। इसमें निजी क्षेत्र का निवेश, मांग और निर्यात बढ़ाने पर खास जोर दिया गया है। आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिये वित्त मंत्री निवेश आकर्षित करने के इरादे से नियमों को उदार बनाने के प्रस्ताव कर सकती हैं। सरकार के समक्ष एक तरफ राजकोषीय स्थिति को मजबूत बनाने की जरूरत होगी तो दूसरी तरफ चुनावों में जनता से किये गये वादों को पूरा करने की दिशा में पहल करनी होगी।

भारतीय जनता पार्टी ने आम चुनावों से पहले जारी घोषणापत्र में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ सभी किसानों को देने और लघु एवं सीमांत किसानों को 60 साल की आयु के बाद पेंशन देने का वादा किया गया है। हालांकि, मोदी सरकार ने दूसरे कार्यकाल की पहली मंत्रिमंडल की बैठक में इस दिशा में पहल कर दी है। सरकार को हवाई अड्डों, रेल मार्गों और राष्ट्रीय राजमार्गों के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की पहल जीएसटी के तहत पंजीकृत सभी छोटे व्यापारियों को 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड की तरह पंजीकृत व्यापारियों को व्यापारी क्रेडिट कार्ड आदि देने की घोषणा की है। इसके अलावा उद्योग जगत की सभी कंपनियों के लिये कार्पोरेट कर की दर 25 प्रतिशत पर लाने की मांग है। फिलहाल 250 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाली कंपनियों के लिये कंपनी कर की दर 25 प्रतिशत है जबकि अन्य के लिये 30 प्रतिशत पर है।