चीनी पर दी जाने वाली 4500 करोड़ की सब्सिडी बजट में हो सकती है खत्म

नई दिल्ली ( 27 जनवरी ): 1 फरवरी को आने वाला बजट गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवन यापन करने वालों की चाय की मिठास को फीका कर सकता है। वित्त मंत्री अरुण जेटली, राशन की दुकान पर मिलने वाली चीनी पर 18.50 रुपये की सब्सिडी को खत्म करने का ऐलान बजट में कर सकते हैं।

इस सब्सिडी को खत्म करने से सरकार को 4,500 करोड़ रुपये का फायदा हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो राशन की दुकानों पर मिलने वाली चीनी की कीमत भी खुले बाजार में मिलने वाली चीनी के बराबर हो जाएगी।

खबरों के मुताबिक नए खाद्य बिल में बीपीएल परिवारों का सीमांकन नही किया गया है, जिससे राज्य सरकारें सब्सिडी के लिए आवंटित चीनी का गलत इस्तेमाल कर सकती हैं। फिलहाल अभी मिल रही सब्सिडी से 40 करोड़ बीपीएल परिवारों को फायदा मिल रहा है।

केंद्र सरकार साल भर में, 2.7 मिलियन टन चीनी राशन की दुकानों पर सप्लाई करती है। इस चीनी को 13.50 रुपये प्रति किलो की सब्सीडी से बेचा जाता है, वहीं दूसरी ओर केन्द्र सरकार अपनी तरफ से राज्य सरकारों को 18.50 रुपये की सब्सिडी देती है