बजट 2016: अरुण जेटली से आम आदमी की 10 उम्मीदें

नई दिल्ली (28 फरवरी): वित्तमंत्री अरुण जेटली सोमवार को वित्तीय वर्ष 2016-17 का केंद्रीय बजट पेश करने जा रहे हैं। तमाम आर्थिक चुनौतियों और मुश्किल हालातों के बावजूद आम आदमी उनसे कई तरह की उम्मीदें लगाकर बैठा हैं। जिनमें से 10 अहम उम्मीदें ये हैं- 

1. आयकर (इनकम टैक्स) की सीमा वर्तमान के 2.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 3 लाख रुपए किए जाने की उम्मीद है।

2. सरकार, होम लोन प्रिंसिपल रीपेमेंट के लिए छूट की सीमा 1.5 लाख रुपए की जगह कम से कम 2 लाख रुपए कर सकती है। इसके अलावा सेल्फ ऑक्युपाइड प्रॉपर्टी के लिए होम लोन ब्याज पर कटौती सीमा 2 लाख रुपए की जगह 3 लाख रुपए कर सकती है। 

3. सैलरी में हाउस रेन्ट अलाउंस (एचआरए) एक अहम हिस्सा होता है। इसीलिए इसकी कटौती के लिए भी दावा किया जा सकता है। ऐसे वेतनपोषी व्यक्ति जिन्हें एचआरए के बिना ही एकमुश्त राशि मिलती है, वे सैक्शन 80 जीजी के तहत अधिकतम (अतिरिक्त) कटौती 2,000 रुपए प्रतिमाह की मांग कर सकते हैं। जिसे सरकार बढ़ा सकती है।

4. पिछले बजट में सर्विस टैक्स 12.5 फीसदी से बढ़ाकर 14 फीसदी किया गया था। यह आम आदमी के लिए बड़ी चिंता है। ऐसा अनुमान जताया जा रहा है कि अगर सर्विस टैक्स कम नहीं होता है, तो यह बढ़ाया भी नहीं जाएगा।

5. सरकार हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और सेक्शन 80डी में प्रिवेंटिव चेक-अप लिमिट अकाउंट के भुगतान को बढ़ाने के लिए कुछ अहम कदम उठा सकती है। 1 लाख रुपए की नई बीमा पॉलिसी लाई जा सकती है, जिसके लिए प्रीमियम 500 रुपए से 1,000 रुपए तक होगा।

6. वरिष्ठ नागरिकों के लिए कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम पेश करने का भी एक और प्रावधान किया गया है।

7. वर्तमान में, बच्चों का एजुकेशन अलाउंस 100 रुपए और हॉस्टल अलाउंस 300 रुपए प्रतिमाह है। इन्हें टैक्स से छूट दी गई है। ये सीमाएं लंबे समय से बदली नहीं गई हैं। लोग अब इस सीमा को बढ़ाकर कम से कम 1,000-3,500 रुपए करवाना चाहते हैं।

8. वेतनपोषी समूह ट्रांसपोर्ट अलाउंस की सीमा भी 1,600 रुपए से बढ़ाकर 3,000 रुपए किए जाने की उम्मीद कर रहा है।

10. ईपीएफ और पीपीएफ जैसी और भी टैक्स-फ्रैंडली पेंशन स्कीम्स शुरू की जाने की उम्मीद है। जो टैक्स-फ्री विड्रॉल्स की अनुमति देगा।