भारत ने UN में उठाया CPEC का मुद्दा, कहा- चीन और पाकिस्तान कर रहा है क्षेत्रीय संप्रभुता उल्लंघन

संजीव त्रिवेदी, न्यूज 24, नई दिल्ली (15 सितंबर): भारत ने चीन और पाकिस्तान के CPIC परियोजना पर गंभीर सवाल उठाया है। भारत ने चीन की महत्वाकांक्षी बेल्ड ऐंड रोड परियोजना अपना रोष जताते हुए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की 39वीं बैठक में इसके प्रति अपना विरोध जताया है। भारत ने मानवाधिकार परिषद के 39 वें सत्र में चीन के बेल्ट और रोड पहल (बीआरआई) पर चिंता जताई। भारत ने कहा कि 'चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा' परियोजना संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर भारत की मुख्य चिंताओं को अनदेखा करती है। इसके अलावा भारत ने इस अंतरराष्ट्रीय फोरम में पाकिस्तान के सिंध प्रांत में बन रहे बांध पर भी आपत्ति जताई है।एनएचआरसी में भारतीय राजदूत वीरेंद्र पॉल ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि भारत विकास के अधिकार को समझता है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय बिरादरी सीपीईसी पर भारत के रुख से अच्छे तरीके से परिचित है। उन्होंने कहा कि 'कोई भी देश ऐसे प्रॉजेक्ट को स्वीकार नहीं कर सकता तो उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की आशंकाओं पर गौर नहीं करता।' भारत ने कहा कि यह प्रोजेक्ट पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और अक्साई चीन जैसे इलाकों से होकर गुजरता है और ये भारत का अभिन्न अंग हैं। इस प्रोजेक्ट को शुरू कर चीन और पाकिस्तान ने भारतीय की सम्प्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर हमला किया है।भारत ने गिलगित बाल्टिस्तान में बनाए जा रहे दियामर-बाशा बांध पर भी सवाल उठाए हैं। भारत ने कहा कि वह मानवाधिकार परिषद का ध्यान इस ओर दिलाना चाहता है कि इस बांध के निर्माण से पाकिस्तान सिंध के लोगों के मानवाधिकारों का भर्ती उल्लंघन कर रहा है। भारत ने कहा कि चौतरफ विरोध के बाद पाकिस्तान के इस बांध को बनाने की जिद उसकी नियत पर सवाल खड़े करती है। पीओके के लोग भी इसका विरोध कर रहे हैं। भारत ने अपील की कि मानवाधिकार परिषद अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर पाकिस्तान को इस पर्यावरण विरोधी कदम उठाने से रोके जिसके वजह से लाखों लोगों के नैसर्गिक अधिकारों का हनन हो रहा है।