जेटली चाहते हैं सुब्रमण्यिन स्वामी पर कार्रवाई करे बीजेपी !

नई दिल्ली (27 जून) :  बीजेपी सांसद डॉ सुब्रमण्यिन स्वामी की बयानबाज़ी पर पार्टी नेताओं की चुप्पी से वित्त मंत्री अरुण जेटली नाखुश बताए जाते हैं। बता दें कि स्वामी ने हाल में मुख्य वित्त सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यिन और आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास पर निशाना साधा था। इसे अरुण जेटली ने खारिज करते हुए स्वामी को संयम और अनुशासन बरतने की सलाह दी थी। वहीं स्वामी ने इस पर कहा था कि उन्हें अवांछित सलाह की ज़रूरत नहीं।  

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी में एक वर्ग ऐसा है जो मानता है कि स्वामी के बयानों ने जेटली की स्थिति को नीचा किया है। ये वर्ग चाहता है कि जेटली के ख़िलाफ़ पार्टी कार्रवाई करे।  

सोमवार को जेटली चीन के दौरे से लौटे हैं। पूरी संभावना है कि जेटली अब ये सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि उनके खुद पर या उनके मंत्रालय पर स्वामी आगे कोई निशाना ना साधें। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक जेटली के एक विश्वासपात्र ने बताया कि स्वामी की ट्वीट के ज़रिए धमकियों को उनकी खुद की राय बताकर खारिज नहीं किया जा सकता क्योंकि वो पार्टी के एक सदस्य हैं।  

पिछले हफ्ते स्वामी ने आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास पर एक ट्वीट के ज़रिए निशाना साधा था। इस पर जेटली ने ट्वीट से पलटवार किया था कि वित्त मंत्रालय के एक अनुशासित लोकसेवक पर हमला किया गया जो अनुचित और झूठा है।

जेटली की ओर से मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यिन के बचाव पर भी जेटली ने कहा था, जेटली जी क्या बोले, क्या नहीं बोले, इससे मुझे क्या लेना देना। जब ज़रूरत होगी मैं प्रधानमंत्री या पार्टी अध्यक्ष से बात करूंगा।  

स्वामी के बयानों से बीजेपी ने दूरी बनाई तो स्वामी ने जेटली पर उस वक्त भी निशाना साधा जब वे चीन के दौरे पर थे। स्वामी ने कहा था कि बीजेपी को अपने मंत्रियों को पारंपरिक और आधुनिक भारतीय वस्त्र पहनने का निर्देश देना चाहिए। कोट और टाई में वे वेटर्स जैसे लगते हैं। हालांकि स्वामी ने बाद में साफ़ किया था कि उनकी टिप्पणी जेटली के ख़िलाफ़ नहीं थी। स्वामी ने मीडियावालों पर उनका (जेटली) नाम लेने का आरोप लगाया।