खेल-खेल में खिलाड़ी बना अंडर-19 टीम इंडिया को विश्व चैंपियन बनाने वाला ये बल्लेबाज

नई दिल्ली(3 फरवरी): न्यू जीलैंड में खेले गए अंडर 19 वर्ल्ड कप का खिताब टीम इंडिया ने अपने नाम कर लिया है। फाइनल में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को 8 विेकेट से हराकर कप पर कब्जा किया। टीम इंडिया की इस जीत के हीरो रहे ओपनर मनजोत कालरा। कालरा ने नाबाद 101 रन की पारी खेली। मनजीत के क्रिकेट खिलाड़ी बनने की कहानी भी बड़ी रोचक है। 

मनजोत कालरा के घरवालों की मानें तो उनका बेटा खेल-खेल में खिलाड़ी बन गया। मनजोत के माता-पिता चाहते थे कि उनका बेटा पढ़-लिखकर कोई मुकाम हासिल कर ले। आजादपुर मंडी इलाके में रहने वाले व्यापारी प्रवीण कुमार और उनकी पत्नी रंजीत कौर की ख्वाहिश थी कि उनका बड़ा बेटा खेलकूद में अच्छा करे, जबकि छोटे बेटे यानी मनजोत को लेकर वह आश्वस्त थे कि यह पढ़ाई में बेहतर करेगा।

मनजोत की मां ने कहा, 'मनजोत पढ़ाई में अच्छा था, इसलिए मैं चाहती थी कि वह पढ़ाई पर ही ध्यान दे। उसका बड़ा भाई क्रिकेट खेलता था और हम चाहते थे कि वह खेल में करियर बनाए। मनजोत अपने भाई के साथ कभी कभार मैदान पर जाया करता था। वह बोलिंग करता और मैदान पर दौड़-दौड़ कर बॉल पकड़ता भी, लेकिन इस शर्त पर कि भाई उसे भी बैटिंग करने देगा। ऊपर वाले की मेहरबानी देखिए, खेल-खेल में मेरा बेटा खिलाड़ी बन गया।' 

विवाद से हुए थे परेशान 

मनजोत को जब अंडर-19 टीम शामिल किया गया तो बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। आरोप लगे थे कि उनकी उम्र 19 से ज्यादा है और वह इस वर्ल्ड कप में भाग नहीं ले सकते। बाद में आरोप गलत साबित हुए। मनजोत की मां रंजीत ने कहा, 'आरोपों से हम आहत थे। मनजोत भी परेशान था। उसके सारे टेस्ट हुए और वह सभी में पास हुआ। आज मेरा बेटा वर्ल्ड कप में खेल रहा है। मैं तो यही कहूंगी कि अंत में जीत सच्चाई की ही होती है'।