गुजरात: 15 हजार दलितों ने ली शपथ, नहीं उठाएंगे मैला और मरे हुए पशु

नई दिल्ली (15 अगस्त): 15 अगस्त पर ऊना में करीब 15 हजार दलितों ने मैला ढोने और जानवरों को दफनाने जैसे 'गंदे' काम ना करने की शपथ ली। इसी के साथ दलितों ने सरकार को चेतावनी दी कि हर दलित परिवार को 5 एकड़ जमीन देने की मांग महीने भर में नहीं मानी गई तो पूरे देश में रेल रोको आंदोलन किया जाएगा।

गुजरात के ऊना में गो हत्या की शंका के आधार पर दलितों को पीटने के मामले में अहमदाबाद से दलित समाज की रैली निकली थी, जो 15 अगस्त को ऊना पहुंची। ऊना के एलडी शाह कॉलेज के ग्राउंड में 15 हजार से ज्यादा दलित इकट्ठा हुए। पहले रोहित वेमुला की मां ने ध्वज वंदन की, फिर सभी ने एक साथ शपथ ली। दलितों को ये शपथ उनके आंदोलन की अगुवाई कर रहे जिग्नेश मेवाणी ने दिलाई।

मेवाणी ने दलितों के समर्थन में प्रधानमंत्री मोदी के हाल में दिए गए बयानों को एक 'नाटक' करार दिया। आज पीएम दलितों पर हुए अत्याचार पर लाल किले बोले थे। इस दलित सम्मेलन में दलित-मुस्लिम भाई-भाई के नारे भी लगे और गुजरात के कई इलाकों से आकर मुसलमानों ने दलितों के साथ एकजुटता की घोषणा की, जिससे गुजरात सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। क्योंकि अगर जानवर नहीं उठाए गए तो फिर राज्य भर में भयंकर बीमारी फैलने का खतरा फैल सकता है।

यहां दिल्ली जेएनयू के छात्र कन्हैया कुमार भी हाजिर रहे। कन्हैया कुमार ने भाषण करते नरेंद्र मोदी और आडवाणी जी पर निशाना साधा। कन्हैया ने कहा, "गुजरात में पहले भी एक रथ यात्रा निकली थी जो आडवाणी जी ने निकाली थी। जो यात्रा देश और धर्म को तोड़ने के लिए निकली थी।"