सीरिया पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में नहीं बन पाई एक राय, रूस का वीटो

दिल्ली ( 13 अप्रैल ): पिछले हफ्ते युद्धग्रस्त सीरिया में घातक केमिकल अटैक हुआ था जिसमें बच्चों समेत 100 जानें चली गईं। उसके बाद ही सीरिया की असद सरकार और रूस की लगातार आलोचना हो रही है।


बुधवार को सीरिया के खिलाफ एक प्रस्ताव पर मुहर लगाने के लिए हुई बैठक में भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद किसी एक मसौदा संकल्प पर पहुंचने में विफल रहा।


अमेरिका सहित तमाम पश्चिमी देश घातक केमिकल हमले के बाद सीरिया में असद सरकार की निंदा के साथ ही उस पर मामले की जांच के लिए जांचकर्ताओं से सहयोग के लिए दबाव बनाना चाहते हैं। लेकिन रूस ने सुरक्षा परिषद में अपनी वीटो शक्ति का इस्तेमाल किया और सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद के लिए ढाल की तरह खड़ा हो गया।


पिछले छह साल से चले आ रहे सीरिया के गृहयुद्ध के मामले में चीन भी 6 प्रस्तावों पर वीटो लगा चुका है। लेकिन बुधवार को उसने ऐसा नहीं किया। इथोपिया और कजाकिस्तान सहित 10 देशों ने प्रस्ताव का समर्थन किया, जबकि बोलीविया ने रूस का साथ दिया।


संयुक्त राष्ट्र में सीरिया के राजदूत बशर जाफरी ने कहा कि उनके देश ने संयुक्त राष्ट्र को दर्जनों चिट्ठियां लिखी हैं, जिसमें बताया गया है कि लीबिया से तुर्की के रास्ते सीरियाई नागरिकों का इस्तेमाल करके नागरिक विमान के जरिए सरीन गैस की तस्करी हो रही है। उन्होंने कहा, लीबिया से तुर्की के रास्ते सीरिया के आतंकी गुटों को 2 लीटर सरीन गैस की तस्करी हुई है। उन्होंने कहा, उनकी सरकार के पास ऐसे हथियार नहीं हैं।