10 हजार लोगों की हत्या करने वाला मुजरिम करार

नई दिल्ली ( 22 नवंबर ): संयुक्त राष्ट्र अपराध न्यायाधिकरण ने बोस्निया सर्ब सेना के पूर्व जनरल रातको म्लादिक को आठ हजार निहत्थे मुस्लिमों समेत 11 हजार लोगों के नरसंहार का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 74 वर्षीय म्लादिक अदालती फैसला आने से पूर्व ही यह चिल्लाते हुए कोर्ट परिसर से बाहर निकल गया कि यह सब झूठ है, तुम सब झूठे हो। वह हाई बल्ड प्रेशर की जांच कराने के बाद सीधे अदालत पहुंचा था। उसे 11 में 10 आरोपों में दोषी पाया गया। बोस्निया की राजधानी साराजेवो पर कब्जे के क्रम में लगातार 43 महीने तक गोलीबारी हुई थी।

तोपों से गोले तक बरसाए गए थे। इसके अलावा स्रेबेनिका में भी लोग मारे गए थे। यहां हजारों लोगों को उनके घर की महिलाओं से अलग कर बसों में भरकर ले जाया गया था। फिर कुछ दूरी पर ले जाकर गोली मार दी गई थी। हजारों महिलाओं के साथ बलात्कार हुआ था। इसे दूसरे विश्वयुद्ध के बाद का सबसे बड़ा अत्याचार माना गया था। फैसला सुनाते हुए जज अल्फोंस ओरियो ने कहा, 'यह मानवता के इतिहास का सबसे निर्मम अपराध है। इसमें नरसंहार और तबाही शामिल है। पुरुषों को मौत की सजा देने से पहले अपमानित किया गया, धमकियां दी गई, पीटा गया और सर्ब गीत गाने को मजबूर किया गया।'

अदालत ने माना कि से्रबेनिका में मुस्लित आबादी को खत्म करने के लिए हुए जनसंहार में म्लादिक की अहम भूमिका थी। उसने निजी तौर पर बोस्निया के उन इलाकों पर बमबारी करवाई जहां मुस्लिम रहते थे। म्लादिक अपनी सजा के खिलाफ अपील में जा सकता है। जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख जैद अल हुसैन ने सजा पाए बोस्निया के पूर्व मिलिट्री कमांडर को बुराइयों को प्रतीक मानते हुए न्याय के लिए यादगार जीत बताया। अदालत में चार साल तक चली सुनवाई के पूर्व म्लादिक ने 17 साल तक फरारी काटी थी।

ज्ञात हो कि बोस्निया युद्ध के आखिरी दौर में 1995 में सर्ब सेनाओं ने से्रबेनिका शहर में जमकर खून खराबा किया था। म्लादिच 1992 से 1995 तक बोस्निया में चले गृह युद्ध के दौरान बोस्निया सर्ब सेना का कमांडर था। यह सेना बोस्निया के मुसलमानों के साथ अल्पसंख्यक क्रोएशियाई लोगों के खिलाफ लड़ रही थी।