अंपायर के 'नो बॉल' के फैसले की कीमत बहन ने जान देकर चुकाई

नई दिल्ली (31 मई): क्रिकेट मैच के दौरान एक अम्पायर के  यह नहीं मालूम था कि एक'नो बॉल'का फैसला उसके लिए इतना भारी पड़ने वाला है। उसके 'नो बॉल'के फैसले की कीमत उसकी बहन को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। यह मामला उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से 20 किलोमीटर दूर जरारा का है। आईपीएल की तर्ज पर जरारा के लोगों ने भी जरारा प्रीमियर लीग की शुरुआत की। जीतने वाली टीम को 5100 रुपये नकद ईनाम की घोषणा की गयी।

 

28 मई को जरारा और बडीकी गांव की टीमों के बीच मुकाबला चल रहा था। मैच बहुत रोमांचक हो गया था। फील्ड के बाहर दोनों गांवों के लोगों के साथ-साथ मैदान पर भी खिलाड़ियों में भी तनाव था। इसी बीच अम्पायर राजकुमार ने बॉलर संदीप पाल की गेंद को 'नो बॉल'का इशारा दे दिया। संदीप अंपायर राजकुमार के पास गया और फैसला बदलने के लिए दबाव डालने लगा। मैच कमेटी के लोगों ने तुरंत फील्ड में पहुंच कर मामले को शांत करवा दिया, लेकिन संदीप ने राजकुमार को धमकी दी कि उसे इस नो बॉल की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

आस-पास के रहने वाले राजकुमार और संदीप एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते थे और दोनों के परिजन में भी मेल मुलाकात थी। इसलिए राजकुमार ने भी सोचा कि मैच के बाद मामला सुलझ जायेगा, और हुआ भी कुछ इसी तरह लेकिन गांव वालों को नहीं मालूम था कि संदीप ने मन ही मन दुश्मनी मान ली है। अगले दिन संदीप को राजकुमार की 15 साल की बहन पूजा अपनी तीन सहेलियों के साथ जा रही थी कि संदीप ने रोक कर उन्हें कोल्ड ड्रिंक पीने को दिया। जैसे ही कोल ड्रिंक उनके गले के नीचे उतरा उन्हें उल्टियां शुरु होने लगी। संदीप तुरंत वहां से भाग गया। आस-पास के लोगों ने पूजा और उसकी सहेलियों को अस्पताल पहुंचाया जहां पूजा की मौत हो गयी। बाकी तीनों लड़कियों की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।