'उमर खालिद आतंकवादी नहीं है'

नई दिल्ली(22 फरवरी): जेएनयू पासआउट एवं बॉलिवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने उमर खालिद को एक खुला पत्र लिखा है। उमर उन छात्रों में शामिल है जो संसद हमले के दोषी अफजल गुरू की फांसी के खिलाफ जेएनयू में देशविरोध नारे लगाए थे।

जेएनयू में समाजशास्त्र की पढ़ाई करने वाली स्वरा ने उमर को लिखे एक खुले पत्र में पुलिस से छुपने को लेकर उससे सवाल करते हुए कहा है कि यह आतंकवाद से सहानुभूति रखने के उसके दोष का सबसे अधिक फंसाने वाला सबूत माना जा रहा है। स्वरा ने लिखा, ‘‘नहीं, उमर खालिद तुम एक आतंकवादी नहीं हो, तुम एक अतिवादी हो और एक मूर्ख जिसमें परखने की समझ नहीं है कि कहां क्या कहना है। यद्यपि इसके लिए तुम्हें जेल में डालना, प्रताड़ित करना या मार देना उचित नहीं होगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं जेएनयू की पूर्व छात्रा हूं। मैंने जेएनयू के सीएसएसएस से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने में दो साल व्यतीत किये और अब मैं बॉलिवुड की अभिनेत्री हूं। मैं जेएनयू में किसी छात्र संघ की सदस्य नहीं रही, यद्यपि मैंने वाम दल को वोट किया. मैंने मित्रों के साथ बात की और उपहास उड़ाया कि डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स यूनियन (जिससे खालिद पूर्व में जुड़ा हुआ था) अभी भी कितना नासमझ है।’’

स्वरा ने कहा, ‘‘यह तब तक था जब तक कन्हैया को गिरफ्तार किया गया और तुम एवं छह अन्य भूमिगत हो गए। सभी पर राजद्रोह के आरोप लगाये गए। इस देश में सार्वजनिक बहस सबसे भावनात्मक हो गई तथा राष्ट्रवाद एवं राजद्रोह को लेकर विवादात्मक चर्चा शुरू हो गई। ’’उन्होंने कहा कि वह अभी उमर के बारे में सोच भी नहीं रही थीं क्योंकि उनका ध्यान ‘फेसबुक..ट्विटर पर तथाकथित देशभक्तों के साथ छोटा सा संघर्ष’ करके कन्हैया को रिहा कराना था। यद्यपि उन्हें तब चिंता होने लगी जब टेलीविजन चैनलों ने उसे (उमर को) एक आतंकवादी संगठन से जोड़ना शुरू कर दिया।

स्वरा ने कहा, ‘‘बेचैनी आने वाले दिनों में तेजी से बढ़ी क्योंकि मैंने तुम्हारा नाम सभी जगह एक फरार आतंकवादी के तौर पर आते देखा। मुझे यह तुम्हे कहते हुए दुख होता है कि तुम्हारा परिवार प्रताड़ित हो रहा है। तुम्हारे अभिभावकों एवं बहनों को विभिन्न तरीके से धमकाया जा रहा है…’’

उन्होंने कहा, ‘‘तुम छुप क्यों गए और पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण क्यों नहीं कर रहे हो? तम्हे पता है कि उसे यदि एक आतंकवादी नहीं तो आतंकवाद से सहानुभूति रखने के तुम्हारे दोष के सबसे अधिक फंसाने वाले सबूत के तौर पर लिया जा रहा है।’’