'पद्मावती' विवाद में कूदीं उमा भारती, रिलीज से पहले फिल्म दिखाई जाने की मांग

मुंबई (4 अक्टूबर): बीजेपी और कांग्रेलस के बाद केंद्रीय मंत्री उमा भारती भी फिल्म पद्मावती के विरोध उतर आई हैं। उन्होंने टि्वटर पर एक खुला खत शेयर किया है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि अलाउद्दीन खिलजी एक व्यभिचारी हमलावर था । उसकी बुरी नजर पद्मावती पर थी। उमा भारती ने एक के बाद एक कई ट्वीट भी किए। इनमें लिखा है, 'रानी पद्मावती के विषय पर मैं तटस्थ नहीं रह सकती' मेरा निवेदन है कि पद्मावती को राजपूत समाज से न जोड़कर भारतीय नारी की अस्मिता से जोड़ा जाए। 

 

 उमा भारती ने लिखा है क्यों न रिलीज़ से पहले इतिहासकार, फ़िल्मकार और आपत्ति करने वाले समुदाय के प्रतिनिधि और सेंसर बोर्ड मिलकर कमिटी बनाएं और इस पर फैसला करें। मैं अपनी बात पर अडिग हूं, भारतीय नारी के सम्मान से खिलवाड़ नहीं ।भूत, वर्तमान और भविष्य -कभी भी नहीं। कुछ बातें राजनीति से परे होती हैं, हर चीज़ को वोट के चश्मे से नहीं देख सकती । मैं तो आज की भारतीय महिला हूं। जिस स्थिति में होंगी, भूत वर्तमान और भविष्य के स्त्रियों के सम्मान की चिंता ज़रूर करूंगी।