दलित को अपने घर बुलाकर उन्हें खाना खिलाऊंगी, तब खुद को धन्य मानूंगी: उमा

नई दिल्ली (2 मई): उत्तर प्रदेश में जब सीएम योगी सामाजिक समरसता भोज में लगातार शिरकत कर रहे हैं। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के साथ दलितों के घर खाना खा रहे हैं। ऐसे मौके पर केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने अलग राग छेड़ दिया है। उन्होंने कहा है कि मैं तब खुद को धन्य मानूंगी, जब दलितों के घर खाना खाने की जगह मैं खुद अपने घर बुलाकर उन्हें खाना खिलाऊंगी।उमा भारती ने ये बातें मध्यप्रदेश के छतरपुर में कहीं, जहां वे संत रविदास की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर पहुंची थीं। आयोजकों ने ऐलान किया था कि उमा यहां समरसता भोज में शामिल होंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा, ''मैं आज ये भेद खोल रही हूं कि मैं कभी सामाजिक समरसता भोजों में भाग नहीं लेती, मैं दलित वर्ग के लोगों को अपने घर में भोजन कराती हूं।''उमा ने कहा, '' आप आइए दिल्ली में मैं आपको वहां भोजन कराऊंगी। मेरे भतीजे की पत्नी भारती आपका भोजन बनाएगी, मैं आपको भोजन परोसूंगी और मेरा भतीजा आपकी जूठी थाली उठाएगा और वो अपने हाथ से आपकी जूठी थाली धोएगा तब जाकर के हम धन्य होंगे।'' हालांकि उमा ये कहने से नहीं चूकीं कि वे भले समरसता भोज में खुद शामिल नहीं होतीं, लेकिन वे इसका समर्थन करती हैं।दलित को अपने घर बुलाकर उन्हें खाना खिलाऊंगी, तब खुद को धन्य मानूंगी: उमा