मुसलमानों से कैसा राष्ट्रप्रेम चाहता है संघ ?

ज्ञानेंद्र शुक्ला/अशोक तिवारी, लखनऊ (11 जुलाई): कानपुर में संघ का चिंतन शिविर चल रहा है। सर संघ चालक मोहन भागवत समेत कई बड़े पदाधिकारी कानपुर में मौजूद है। इस बीच ऑल इंडिया सुन्नी उलेमा काउंसिल के नेताओं ने मोहन भागवत से मिलने का वक्त मांगा है। उलेमा काउंसिल ने संघ से 6 सवाल पूछे हैं।

उलेमा काउंसिल ने आरएसएस से पूछे यह सवाल:

सवाल 1- मुस्लिमों से कैसा राष्ट्रप्रेम चाहता है आरएसएस ? सवाल 2- धर्म परिवर्तन पर RSS क्या सोचता है ? सवाल 3- संघ इस्लाम के बारे में क्या जानता और  समझता है? सवाल 4- आरएसएस क्या देश को हिंदू राष्ट्र बनना चाहता है? सवाल 5- इस्लाम से संघ क्या चाहता है? सवाल 6- संघ भारत को हिंदू राष्ट्र मानता है तो क्या हिंदू धर्मग्रंथ के अनुसार देश चलाना चाहता है?

ये 6 सवाल सुन्नी उलेमा काउंसिल के है, जो कि आरएसएस सर संघचालक मोहन भागवत से पूछे गए हैं। कानपुर के महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कॉलेज में आरएसएस की वार्षिक बैठक चल रही है, लेकिन सुन्नी उलेमा काउंसिल चाहता है कि आरएसएस उनके इन सवालों का जवाब दे। सुन्नी उलेमा काउंसिल के प्रतिनिधिगण यहां मोहन भागवत से मिलने पहुंचे थे। मुलाकात तो नहीं हो पाई लेकिन ये चिट्ठी मोहन भागवत तक जरूर पहुंचा दी गई है।

ऑल इंडिया सुन्नी उलेमा काउंसिल उलेमाओं की ये वही संस्था है जिसने दो साल पहले कानपुर में बैठक करने आए आरएसएस के इंद्रेश कुमार से मुस्लिमों की आरएसएस से दूरी पर दस सवाल पूछे थे। हालांकि उनका कहना है कि इंद्रेश कुमार ने अभी तक इस बारे में कोई जवाब नहीं दिया।

गौरतलब है कि कानपुर में इन दिनों आरएसएस का एक बड़ा शिविर चल रहा है। 6 दिनों तक चलने वाले इस शिविर में 41 प्रांतों के प्रचारक पहुंचे हैं। सर संघ चालक मोहन भागवत और सह सर संघ कार्यवाहक भैय्याजी जोशी भी यहां मौजूद है।

सवाल ये भी है कि आखिर सुन्नी उलेमा काउंसिस आरएसएस से क्यों जवाब चाहता है। उलेमा काउंसिल आरएसएस को क्यों इतनी अहमियत दे रहा है? क्या उलेमा का मकसद मुसलमानों को उकसाना है?