चीन में ऐसे हैं मुसलमानों के हालात, जीते हैं ऐसी जिंदगी

नई दिल्ली (1 अक्टूबर): भले ही चीन हर मुद्दे पर पाकिस्तान के खिलाफ खड़ा दिखाई देता है, लेकिन वहां पर रहने वाले मुसलमानों की हालत बड़ी ही खराब है। चीन के शिन्जियान प्रांत में एक करोड़ मुस्लिम रहते हैं, जिसमें अधिकतर मुस्लिम उइगर अल्पसंख्यक हैं।

वैसे तो चीन से कोई खबर आसानी से नहीं आती, लेकिन इस समय जो खबर सामने आ रही है उसके अनुसार, वहां पर रहने वाले मुस्लिम समुदाय के खिलाफ फिर से सख्ती शुरू कर दी है। इसकी शुरुआत शिंगजियांग प्रांत से हुई है। सरकार ने मुस्लिमों पर पाबंदी लगाते हुए कुरान लौटाने को कहा है।

उइगर मुसलमान खुद को चीन का निवासी नहीं मानते। तुर्क मूल के उइगर मुसलमानों की इस क्षेत्र में आबादी एक करोड़ से ऊपर है। उइगर मुसलमान तुर्की भाषा बोलते हैं। चीन देश में अन्य स्थानों पर होने वाले आतंकी हमलों का सीधा आरोप भी उइगर मुस्लिमों पर ही लगाती रही है। क्षेत्र में उइगर और सुरक्षा बलों के बीच अक्सर हिंसक झड़पें होती रहती हैं।

नमाज नहीं पढ़ सकते, दाढ़ी नहीं रख सकते - चीनी में सरकारी नौकरी करने वाले उइगर मुसलमानों की पांच वक्त की नमाज़ पर पाबंदी लगाई हुई है। - चीन में उइगर मुस्लिमों को दाढ़ी रखने की मनाही है। उइगर महिलाओं के बुर्का पहनने की भी मनाही है। - चीन सरकार ने 2008 में दाढ़ी रखना बैन किया था, क्योंकि दंगे बढ़ रहे थे। - उइगर महिला पर्दा करके पेट्रोल स्टेशन, बैंक और हॉस्पिटल नहीं जा सकतीं। - उइगर महिला वह सरकारी नौकरी भी नहीं कर सकतीं।