सऊदी अरब में 'हाउसमेड्स' भेजने पर इस देश ने लगाई रोक

नई दिल्ली (23 जनवरी) :  सऊदी अरब में घरेलू काम करने वाली प्रवासी महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की आए दिन शिकायतें आती रहती हैं। इसे देखते हुए युगांडा सरकार ने 'हाउसमेड्स' को सऊदी अरब भेजने पर रोक लगा दी है। इंडोनेशिया, इथियोपिया और फिलीपींस भी प्रवासी कर्मचारियों के सऊदी अरब जाने पर तब तक के लिए रोक लगा चुके हैं जब तक कि वहां उनके लिए बुनियादी श्रम अधिकारों का पालन सुनिश्चित नहीं कर लिया जाता।  

यूगांडा सरकार ने भी अपने बयान में कहा है कि जब तक सऊदी अरब में कर्मचारियों के लिए हालात बेहतर नहीं बनाए जाते तब तक यह प्रतिबंध लागू रहेगा। बता दें कि युगांडा और सऊदी अरब सरकारों में बीते साल जुलाई में यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट्स को सऊदी अरब में काम करने के लिए भेजने पर समझौता हुआ था। ऐसा युगांडा में बेरोज़गारी की भारी समस्या से निपटने के लिए किया गया ता।

लेकिन युगांडा सरकार को ऐसी अनेक शिकायतें मिलीं कि सऊदी अरब में नियोक्ताओं की ओर से कर्मचारियों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता है। युगांडा के श्रम और सामाजिक कल्याण मंत्रालय ने ये जानकारी दी है।

बता दें कि सऊदी अरब गए युगांडा के कुछ नागरिकों की ओर से हाल में सोशल मीडिया पर ऑडियो रिकॉर्डिंग अपलोड की गई थी जिसमें उन्होंने खुद पर अत्याचार होने और बंधक बनाए जाने का दावा किया था।

युगांडा के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बीते साल जुलाई में समझौता होने के बाद करीब 500 हाउसमेड्स  ने युगांडा से सऊदी अरब का रुख किया।  

एंटेब्बे एयरपोर्ट पर एक इमिग्रेशन ऑफिसर ने नाम नहीं खोलने की शर्त पर बताया कि हर दिन युगांडा के करीब 100 नागरिक सऊदी अरब के लिए रवाना होते हैं।  

सऊदी अरब और अन्य अरब देशों से कई युगांडियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कईयों को प्रत्यर्पित किया गया है। कुछ युगांडियाई नागरिक हिरासत में रहने के दौरान दम भी तोड़ चुके हैं। ऐसी ही एक नागरिक फ्लोरा रिताह नांटेज्जा ने दुबई जेल में होने के दौरान दम तोड़ा। युगांडा की फातिमा नाम्बी शादी के इतर बच्चा होने के आरोप में कुवैत में जेल में बंद है।  

युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी कागुता मुसेवेनी हाल में सऊदी अरब के दो दिन के दौरे से लौटे हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंध बढ़ाने का ज़िक्र तो किया लेकिन युगांडा के कर्मचारियों की सऊदी अरब में दशा पर चुप्पी बनाए रखी।