यहां नुकीले काटों पर लेटकर प्रार्थना करते हैं लोग

राजीव चावला, उधमसिंह नगर (15 अप्रैल): बीमारी दूर करने के लिए वहां सजाई जाती है कांटों की सेज। भगवान को खुश करने के लिए नुकीले काटों पर लेटकर प्रार्थना करते हैं लोग। महिलाएं भी पीछे नहीं रहती हैं, आस्था की इस सेज पर कांटें होते हैं लेकिन उस दर्द को खुशी-खुशी सहते हैं। इतना ही नहीं जिस्म कुरेदकर लोहे के हुक को फंसाया जाता है और फिर लोग उस झूले में झूलते हैं।

बाबा तारकनाथ के इस मंदिर में अंधविश्वास के कांटों की कहानी शुरू होती है इस त्रिशूल से। पहले मैदान में त्रिशूल को पूरे तामझाम से स्थापित किया जाता है। त्रिशूल के चारों तरफ बबूल के पेड़ की शाखाएं डाल दी जाती हैं, जिनमें लंबे-लंबे नुकीले कांटे होते हैं। इसके बाद सभी भक्त स्नान करके मंदिर के चारों ओर इकट्ठा होते हैं और फिर शुरू होता है कांटों पर लेटकर अपनी भक्ति दिखाने की होड़। पहले तारकनाथ धाम के मुख्य पुजारी कांटों पर लेटते हैं और फिर भक्त महिलाएं भी ऐसा ही करती हैं। दावा ये है कि ऐसे करने से बड़ी सी बड़ी बीमारी दूर हो जाती हैं, मुरादें पूरी हो जाती हैं।

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