उद्धव ठाकरे का मोदी सरकार से सवाल, पूछा- GST बिलकुल सही तो फिर यूटर्न क्यों ?

मुंबई (13 नवंबर): भले ही शिवसेना केंद्र और महाराष्ट्र में बीजेपी के साथ सरकार में शामिल है लेकिन वो केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की फडनवीस सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ती। इसी कड़ी में शिवसेना प्रमुख ठाकरे ने जीएसटी और नोटबंदी को लेकर एकबार फिर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। शिवसेना में अपने मुख पत्र सामना में सवाल किया है कि जब जीएसटी बिलकुल सही था तो यह यूटर्न क्यों और जीएसटी पर सरकार क्यों झुकी ? 

सामना के संपादकीय में उद्धव ठाकरे जीएसटी में बदलाव का मुख्य कारण आगामी गुजरात चुनाव कमज़ोर दिख रही बीजेपी को बचाने के लिए लिया गया फैसला करार दिया है। उद्धव ठाकरे ने कटाक्ष करते हुए कहा गुजरात में फटी तो जीएसटी घटी। उद्धव ने अपने लेख में मोदी सरकार पर देश की अर्थव्यवस्था को बिगड़ने, आर्थिक हेरा-फेरी और देश को गड्ढे में डालने के लिए मुकदमे दर्ज करने की मांग की है।  

उद्धव ने लिखा है कि जीएसटी अभेद्य है, जीएसटी की कर व्यवस्था में अब कोई बदलाव नहीं होगा। जीएसटी को आम जनता का समर्थन है। केवल दलाल और कर चोर व्यापारी ही जीएसटी का विरोध करंगे। कल तक यह कहनेवालों ने सीधे अब इस मुद्दे पर यूटर्न ले लिया। जीएसटी के कुछ अमानवीय प्रावधानों का विरोध करनेवाली राजनितिक पार्टियों को देश का दुश्मन करार देने तक बीजेपी और उनके मंत्री पहुचे गए थे। देश और गरीबों का अर्थशास्त्र सिर्फ हमें ही समझ आता है ऐसा सोचनेवाली सरकार को जनाक्रोश के आगे झुकना पड़ा। 28% के सबसे ऊंचे जीएसटी दर-श्रेणी से 177 चीजों को निकलकर 18% जीएसटी श्रेणी में शामिल करने का निर्णय लिया। सरकार के इस फैसले से छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी।

इतना ही नहीं उद्धव ने सम्पादकीय में कहा है कि किसी भी मुद्दे पर राजनितिक लाभ और प्रचार कैसे हासिल किया जाए, इसमें बीजेपी माहिर है। सरकार इस मुद्दे पर झुकने के लिए तैयार ही नहीं थी। लोगों और व्यापारियों के विरोध को नज़रंदाज़ करनेवाली सरकार इतनी नर्म कैसे पड गयी? इसका जवाब है, गुजरात चुनाव में हो रहे बीजेपी का ज़बरदस्त विरोध। जगह-जगह बीजेपी के कार्यकर्ता नाराज हैं, उनकी पत्रकार परिषद नहीं होने दिए जा रहे हैं। उनके पोस्टर्स चौराहे से उतारे जा रहे हैं। खुद अमित शाह को प्रचार के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा और प्रधानमंत्री मोदी तो खुद 50-50 सभाएं करनेवाले हैं।

सामना के सम्पादकीय में बीजेपी पर ज़ोरदार हमला करते हुए उद्धव ने कहा कि महाराष्ट्र की तरह, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केन्द्रीय मंत्री अपने कामकाज छोड़कर, देश और राज्यों को भगवन भरोसे छोड़कर गुजरात चुनाव प्रचार के लिए तंबू गाड़कर बैठनेवाले हैं। बेतहासा में बेहिसाब पैसा बहाया जा रहा है। जीएसटी से कदम पीछे खीचना यह चुनाव पूर्व भ्रष्टाचार है और यह छोटे व्यापारियों को मस्का लगाने की हरकत है। गुजरात में फटी तो जीएसटी घटी। ऐसे व्यंग में कुछ भी गलत नहीं। जीएसटी के विरोध में बोलनेवाले कल तक देश और अर्थव्यवस्था के कातिल करार दिए गए थे। फिर इन देश के कातिलों का सुनकर सरकार क्यों झुकी। इसका जवाब मिलना चाहिए।

उद्द्व ने सामना में कहा कि जीएसटी की वजह से अर्थव्यवस्था में मंदी आई और नोटबंदी ने अर्थव्यवस्था उखाड़ फेंकी। यह सत्य है कि पूर्व प्रधानमंत्री मोहन सिंह जैसे चोटी के अर्थशास्त्री कह रहे हैं, पर मनमोहन सिंह कौन है ? ऐसा दंभ भरनेवाले बीजेपी को गुजरात की जनता ने जमीन पर ला दिया है। जीएसटी की वजह से महंगाई बढ़ी है और आम आदमी का बजट चरमरा गया है। फिर भी जो लोग (बीजेपी और मोदी) बिगड़ी हुई अर्थव्यवस्था की जय-जयकार कर रहे हैं वे सच में देश के दुश्मन हैं। ऐसे लोगों पर आर्थिक हेराफेरी और देश को गड्ढे में डालने के लिए मुकदमा दर्ज करना चाहिए। छोटे व्यापारी को जीने का अधिकार नहीं है क्या ? यह देश जितना अदानी-अम्बानी का है उतना ही छोटे व्यापारियों का भी है। इसलिए सभी को जिलानेवाली अर्थव्यवस्था के हम हिमायती है।

साथ शिवसेना प्रमुख ने कहा कि नोटबंदी की वजह से उद्योगों में आई मंदी से लाखों रोज़गार बंद हुआ तो हम उस नोटबंदी के विरोध में खड़े है। जीएसटी, यह नयी सामान कर प्रणाली देश को मज़बूत अर्थव्यवस्था सच में देती है तो इसका विरोध करने का घिनौना काम हम नहीं करेंगे। पर यही जीएसटी मुंबई शहर को केंद्र का आर्थिक गुलाम बनानेवाली है इसलिए हम मुंबई के स्वाभिमान के लिए खड़े हैं। जीएसटी ने गरीब जनता, छोटे और माध्यम व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। यह ठीक नहीं है। देश में आक्रोश पनपा, गुजरात के छोटे व्यापारी सड़कों पर उतारे। उन्होंने लाठियां खायी, उसकी मार गुजरात विधानसभा चुनाव में पड़ेगी और प्रधानमंत्री की 50-50 सभाएं भी काम नहीं आएंगी। पैसों की बरसात करके भी वोटों की फसल नहीं उगेगी। इसी डर ने जीएसटी के मुद्दे पर सरकार को झुकाया। हम उन झुकानेवाले गुजरात की जनता का अभिनन्दन करते हैं। पर कल तक जो देश के दुश्मन और अर्थव्यवस्था के कातिल थे उनके आगे क्यों झुके, यह बताओ ?