दलाई लामा को बुलाने पर चीन की गीदड़ भभकी, यूसीएसडी ने दिया करारा जवाब

नई दिल्ली (10 फरवरी): चीन की सरकारी मीडिया ने प्रवासी भारतीयों को चेतावनी दी कि अगर वे देश के आंतरिक मामलों में दखल देंगे तो उनको उसके 'राजनीतिक नतीजे' भुगतने होंगे। दरअसल, 'यूनवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया सन डियेगो' (यूसीएसडी) ने बीते दो फरवरी को कहा था कि उसने छात्रों को व्याख्यान देने के लिए तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा को आमंत्रित किया है। वहीं यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति प्रदीप खोसला ने कहा है कि चीन संचार माध्यमों को मर्यादा में रहकर ब्यान जारी करने चाहिए। अमेरिका में डोनल्ड ट्रंप का शासन है। अमेरिकी यूनिवर्सिटी में महामहिम दलाई लामा को बुलाने या व्याख्यान कराने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। 

भारतीय मूल के अमेरिकी प्रदीप खोसला इस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हैं। चीन के सरकारी अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' ने दावा किया कि दलाई लामा को आमंत्रित किए जाने के बाद विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले चीन के छात्रों ने विरोध दर्ज कराया। अखबार ने कहा कि दलाई लामा को आमंत्रित करके यूसीएसडी ने उनके प्रति लगाव दिखाया है।  वेबसाइट पर एक फोटो अपलोड है कि खोसला ने पिछले साल अक्टूबर में धर्मशाला में दलाई लामा से मुलाकात की थी। यह दिखाता है कि कुछ भारतीय-अमेरिकी किस तरह से चीन-भारत और चीन-अमेरिका संबंधों में तनाव पैदा करते हैं। वहीं, यूसीएसडी के कुलाधिपति खोसला ने कहा है वो किसी भी ऐसे व्यक्ति को व्याख्य़ान के लिए बुलाने के लिए स्वतंत्र हैं जिससे अमेरिकी हितों को नुकसान न पहुंचता हो। उन्होंने कहा कि चीन को मर्यादा में रहना चाहिए। अमेरिका में शी जिनपिंग का नहीं डोनल्ड ट्रंप का शासन है।