उबर कैब बुक करने वालों के लिए बुरी खबर

नई दिल्ली(22 नवंबर): उबर ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। कंपनी ने कहा कि हैकर्स ने उसके 5 करोड़ 70 लाख ड्राइवर्स और राइडर्स के डाटा चुराए।

- डाटा चोरी का मामला एक साल पहले का है लेकिन उबर ने इस बात पर अब मुहर लगाई है। 

- उबर सीईओ दारा खोस्रोवशाही ने कहा, "ऐसा नहीं होना चाहिए था और मैं इसके लिए कोई सफाई नहीं दूंगा।" 

- वहीं उबर ने डाटा खत्म करने के लिए हैकर्स को एक लाख डॉलर (करीब 65 लाख रु.) दिए थे। 

- खोस्रोवशाही ने कहा, "2 मेंबर्स वाली उबर इन्फॉर्मेशन सिक्युरिटी टीम ने भी इस बात को लेकर कोई अलर्ट नहीं दिया कि सैन फ्रांसिस्को बेस्ड कंपनी से डाटा चोरी हो रहे हैं।"

- "हाल ही में मुझे पता लगा कि बाहर के लोगों ने कंपनी के सर्वर में सेंध लगाकर डाटा हासिल किया और कई अहम जानकारियां डाउनलोड कर लीं।"

- उबर ने माना है कि जो फाइलें चुराई गई हैं, उनमें लोगों के नाम, ईमेल एड्रेस, उबर में बैठने वाले राइडर्स के मोबाइल नंबर, ड्राइवर्स के नाम और लाइसेंस शामिल हैं। उबर में करीब 6 लाख ड्राइवर्स हैं।

- उबर के इस मामले से जुड़े एक शख्स ने बताया कि कंपनी ने हैकर्स को डाटा खत्म करने के लिए करीब 65 लाख रुपए दिए थे। साथ ही ड्राइवर्स-राइडर्स की जानकारियां सार्वजनिक नहीं करने को कहा था।

- जैसे ही डाटा चोरी का पता लगा था, उसके बाद उबर के को-फाउंडर रहे और बाद में निकाले गए चीफ ट्रेविस कैलानिक को इसके बारे में बताया गया था। जब तक नए बॉस खोस्रोवशाही को इसका पता न हो जाए, ये बात सार्वजनिक नहीं की गई थी।