अमेरिका में मुस्लिम बैन, यूएई के प्रिंस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का किया सपोर्ट

नई दिल्ली ( 2 फरवरी ): दुनिया भर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 7 मुस्लिम देशों के नागिरकों पर वीजा पर बैन लगाने का विरोध हो रहा है। तो वहीं, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जाएद अल नाहयान ने इसका सपोर्ट किया है। प्रिंस ने कहा कि यह अमेरिका का निजी मामला है। नाहयान का यह भी कहना है कि अमेरिका ने कुछ चुनिंदा मुस्लिम देशों पर बैन लगाया है, सभी मुस्लिम देशों पर नहीं। नाहयान ने कहा, यह अस्थायी बैन है।

वहीं, यूएई आम्र्ड फोर्सेस के डिप्टी सुप्रीम कमांडर नाहयान ने कहा कि उन्हें अमेरिकी प्रशासन के इस बयान पर उन्हें भरोसा है कि यह बैन धर्म के नाम पर नहीं किया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस बैन का अधिकतर मुस्लिम देशों पर असर नहीं पड़ा है। यह अस्थायी बैन है और 3 महीने बाद इसमें संशोधन होना है। हमें इस बात का भी ख्याल रखना चाहिए कि कोई भी देश अपनी सुरक्षा के लिए फैसले ले सकता है। इसलिए इसका विरोध सही नहीं।

ट्रंप की नई वीजा नीतियों के तहत 7 मुस्लिम देशों के लोगों को 90 दिनों तक वीजा देने पर रोक लगा दी गई है। इसमें ईरान, इराक, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया और यमन के नागिरकों के वीजा पर पाबंदियां लगी है। इसके अलावा सीरिया से आने वाले शरणार्थियों की एंट्री भी अगले आदेश तक रोक दी गई है। ट्रम्प के इस फैसले का दुनिया भर में विरोध हो रहा है। अमेरिका में भी डेमोक्रेटिक पार्टी के कई लीडर ट्रम्प के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं।