ये मेरा नहीं 125 करोड़ भारतीयों का सम्मान: वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट में बोले पीएम मोदी

नई दिल्ली(11 फरवरी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई दौरे पर रविवार को वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि छठवे वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट में बतौर चीफ गेस्ट शामिल होना, सिर्फ मेरा ही नहीं बल्कि 125 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। इससे पहले समिट की शुरुआत में भरतनाट्यम की प्रस्तुति भी हुई।

- प्रधानमंत्री ने कहा कि स्टेम सेल्स और री-जनरेशन टेक्नीक जैसी वैज्ञानिक उपलब्धियों ने कठिन बीमारियों के इलाज का ही नहीं, बल्कि अंग-भंग के भी उपचार का रास्ता दिखाया है। मौसम के पूर्वानुमान से किसान अपनी फसल बचा और बढ़ा सकते हैं। लाखों-करोड़ों को आपदा प्रबंधन के जरिए बचाया जा सकता है।

- उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी से विचार की गति में क्रांतिकारी बदलाव आया है। इससे आम आदमी का सशक्त बनाने में काफी मदद मिली है। तकनीक की सुलभता और उसके प्रसार ने आम आदमी का सशक्तिकरण किया है और इस सशक्तिकरण को 'मिनिमम गवर्मेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस' से बढ़ावा मिला है।

- मोदी ने कहा, 'विकास का पहलू यह भी है कि पाषाण युग से औद्योगिक क्रांति के सफ़र में हज़ारों साल गुज़र गए। उसके बाद संचार क्रांति तक सिर्फ 200 वर्षों का समय लगा। और वहां से डिजिटल क्रान्ति तक फासला कुछ ही सालों में तय हो गया।

- दुबई का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी का अविष्कार हमें विकास के लिए करना चाहिए न कि विनाश के लिए। यह एक जादू की तरह ही है कि  टेक्नोलॉजी के जरिए रेगिस्तान को भी बदला जा सकता है।

- उन्होंने कहा- कभी-कभी ऐसे लगता है कि मानव टेक्नोलॉजी को प्रकृति पर विजय का ही नहीं उससे संघर्ष का साधन बनाने की भूल कर रहा है। इस की कीमत बहुत भारी है।

- मानवता के भविष्य के लिए हमें प्रकृति के साथ संघर्ष नहीं, सहजीवन का रास्ता चाहिए। 

#WATCH Bharatanatyam performance at the World Government Summit in Dubai #ModiInUAE pic.twitter.com/r3wGjCQU23

— ANI (@ANI) February 11, 2018