चुनाव में दखल और साइबर अटैक के लिए अमेरिका ने रूसी जासूसों पर लगाया प्रतिबंध

नई दिल्ली ( 16 मार्च ): अमेरिका ने रूस के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिका ने यह कार्रवाई 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में दखल देने और यूक्रेन समेत कई देशों के खिलाफ साइबर अटैक के लिए की है। ट्रंप प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए गुरुवार को रूस के सरकारी हैकर्स और खुफिया एजेंसियों पर नए वित्तीय प्रतिबंध लगा दिए। 

साइबर अटैक को कई देशों के अधिकारियों ने इतिहास का सबसे विनाशकारी हमला बताया था। खास बात है कि ये प्रतिबंध व्यक्तिगत तौर पर भी लगाए गए हैं, जिन्हें 'ट्रॉल्स' कहा जाता है। चुनाव में दखल देने में मदद करने वाले रूसी संगठनों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं।

अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक प्रशासन ने गुरुवार को जनता को भी अलर्ट कर दिया कि रूस अमेरिका के एनर्जी ग्रिड को कंप्यूटर मालवेयर से निशाना बना रहा है, जिससे सिस्टम्स को काफी नुकसान हो सकता है। माना जा रहा है कि अमेरिका का यह कदम इस साल होने वाले मध्यावधि चुनावों को प्रभावित करने से रूस को रोकना है। 

इसके साथ ही ट्रंप प्रशासन यह भी संकेत देना चाहता है कि अमेरिका साइबर स्पेस में रूस की अपनी मर्जी नहीं चलने देगा। ट्रेजरी विभाग ने 5 संस्थानों और 19 लोगों पर ये प्रतिबंध लगाए हैं।