एयरोस्पेस और डिफेंस स्टार्ट अप 'ज़ार एयरोस्पेस' ने जुटाए 15 बिलियन डॉलर

न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली (14 मई): स्टार्ट अप इंडिया के तहत शुरू की गयी ज़ार एयरोस्पेस रिसर्च लैब ने बहुत ही कम समय के भीतर उद्योग जगत में अपनी अच्छी पहचान बना ली है। जार एयरो स्पेस के संस्थापक प्रियम मोहंती का कहना है कि कंपनी की कैपिटल बहुत ही कम समय में 15 बिलियन डॉलर जुटा लिए हैं। खास बात यह कि इस कंपनी में  इसमें 37 प्रतिशत इक्विटी सिंगापुर की ड्रीम विजिन ओवरसीज की है।

ज़ार एयरोस्पेस मानव रहित हाईपरसोनिक रिसर्च एयरक्राफ्ट का डिजाइन तैयार कर रही है। प्रियम मोहंती अपनी उपलब्धियों पर खुशी जाहिर करते हुए कहते हैं कि एयरोस्पेश मार्केट में ज़ार की पहचान अच्छी कंपनियों के तौर पर बन चुकी है। हमने अपने क्लाइंट्स के बीच अच्छी इमेज बनाई है। इसीलिए हमें सिंगापुर जैसे देश से निवेश भी मिला है।

स्टार्ट अप इंडिया भारत सरकार का एक उपक्रम है। जिसके तहत नई उद्योग और उद्यमियों को प्रोत्सहान देना, रोजगार के नये अवसर पैदा करना और भारत को मजबूत करना है। भारत सरकार के विभिन्न प्रोजेक्ट में से जॉर एयरो स्पेस ने भी स्वच्छ भारत, अक्षय ऊर्जा, ड्रोन निर्माण, एयरो स्पेस इंजीनियरिंग और ड्रोन मेन्युफेक्चरिंग टेक्नोलॉजी में सहभागिता का निर्णय लिया है।प्रौद्योगिकीय विकास का पता लगाने और उसे क्रियान्वित करने के लिए और अपने संबंधित डोमेन विशेषज्ञता को शामिल करके सर्वोत्तम संभव समाधान खोजने के लिए ज़ार एयरोस्पेस रिसर्च लैब्स और सीटीटीसी, भुवनेश्वर के बीच एक समझौता भी हुआ है। सीटीटीसी में कला सुविधाओं के इस महत्वपूर्ण सहयोग के साथ उच्च परिशुद्धता घटकों और विधानसभाओं के डिजाइन और निर्माण के लिए उपयोग किया जाएगा।

इस तरह सीटीटीसी और ज़ार के सहयोग से बने स्टार्ट अप हब में युवा अनवेषकों और महत्वाकांक्षियों को अपनी क्षमता और कार्यकुशलता दिखाने का अवसर दिया जायेगा। तकनीकि के क्षेत्र में आगे बढ़ने के मंसूबे पालने वाले युवाओं के लिए यह एक बड़ा और मजबूत प्लेटफॉर्म है। इसके अतिरिक्त यह संयुक्त उपक्रम अपन बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर के माध्यम से सभी टेक्नीकल सपोर्ट मुहैया करायेगा तथा युवा इंजीनीयरों के लिए रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगा।