गृह मंत्रालय की बड़ी कार्रवाई, दो IPS अधिकारियों को जबरन किया रिटायर

नई दिल्ली (17 जनवरी): प्रधानमंत्री मोदी सभी अधिकारियों को सही तरीके काम करने की सख्त हिदायत दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि जो अधिकारी और कर्मचारी ठीक से काम नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। इसी कड़ी में अब गृह मंत्रालय ने ठीक से काम नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 2 IPS  अफसरों को जबरन रिटायर कर दिया है।

गृहमंत्रालय ने छत्तीसगढ़ काडर के 1992 बैच के अफसर राजकुमार देवांगन और 1998 बैच के अधिकारी एजीएमयूटी के मयंक शील चौहान का बोरिया-बिस्तर बांध दिया गया है। यह कार्रवाई ऑल इंडिया डेथ कम रिटायरमेंट रूल 16 (3) के तहत की गई है। इस रूल के तहत सर्विस के 15 और 25 साल के बाद हर राज्य अफसरों का आकलन करता है। अगर अफसर इस रिव्यू में सही नहीं पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।

बताया जा रहा है कि दोनों अफसरों की शिकायतें मिल रही थीं। गृह मंत्रालय ने इन्हें तीन महीने की तनख्वाह देकर जबरन रिटायर कर दिया। मंत्रालय के इस फैसले पर अपाइंटमेंट कमेटी ऑफ कैबिनेट की मोहर भी लग गई है।