फर्ज़ के लिए फना हो गए दो जिगरी दोस्त...

गुरप्रीत सिंह, गुरदासपुर (3 जनवरी): पठानकोट हमले में शहीद हुए जवानों का आज अंतिम संस्कार होगा। शहीद हुए तीन जवानों में से दो जवान गुरदासपुर के थे, जिन्होंने डिफेंस फोर्स कोर के तहत दोबारा से नौकरी ज्वाइन की थी। जवानों के शहीद होने की खबर के बाद पूरा परिवार सदमे में है। वहीं पूरा देश शहीदों की शहादत को सलाम कर रहा है।

पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पर आतंकी हमले को नाकाम करनेवाले दो दोस्त शहीद हो गए। वतन के लिए अपने फर्ज पर फना हो गए। गुरदासपुर के गांव चक्क शरीफ के रहनेवाले हवलदार कुलवंत सिंह के घरवालों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।

देश के सरहदों की हिफाजत के लिए पहले कुलवंत सिंह ने फौज ज्वाइन किया। उसके बाद देश सेवा का जज्बा उन्हें दोबारा डिफेंस सिक्यूरिटी कॉप्स में ले गया। कुछ दिनों पहले ही कुलवंत सिंह की पोस्टिंग एयरफोर्स स्टेशन पठानकोट पर हुई थी। 

गुरदासपुर के झंडा लुबाना गांव के फौज से रिटायर हुए ऑनररी कैप्टन फतेह सिंह भी गुरदासपुर में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए। पूरी जिंदगी देश की सरहदों की हिफाजत करनेवाले फतेह सिंह की शहादत की खबर सुनते ही घरवालों की आंखों से आंसू सूख गए।

फौज से रिटायर होने के बाद फतेह सिंह ने डिफेन्य सिक्यूरिटी कॉर्प्स ज्वाइन किया था। उनका निशाना अचूक था। फतेह सिंह शूटिंग में चैंपियन थे और उन्हें सेना मेडल से भी सम्मानित किया गया था।