लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

नई दिल्ली(6 मई): सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि लड़का बालिग है और 21 साल से कम है तो भी वह बालिग लड़की के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था दी कि दो बालिग अगर शादी की उम्र में नही हैं तो भी वे चाहें तो अपनी मर्जी से शादी के बिना साथ जीवन जी सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि विधायिका भी लिव इन रिलेशनशिप को मान्यता देती है।लड़के की उम्र 21 साल से कम होने के कारण हाई कोर्ट ने लड़की के पिता की अर्जी मंजूर कर ली थी और लड़की को पिता की कस्टडी में भेज दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने लड़के की अर्जी स्वीकार करते हुए केरल हाई कोर्ट के आदेश को खारिज़ कर दिया और कहा कि लड़की 18 साल से ज्यादा की बालिग लड़की है और वो अपनी मर्जी से जहां चाहे रह सकती है। लड़की ने कहा था कि वो अपनी मर्जी से लड़के के साथ रहना चाहती है।