"मुस्लिम अधिक से अधिक संतान करें, महिलाएं सिर्फ बच्चे पैदा करने के लिए"

अंकारा (30 मई) :  तुर्की के राष्ट्रपति ताईप एरदोन ने लैंगिक समानता और परिवार नियोजन (बर्थ कंट्रोल) पर ऐसा बयान दिया है जिस पर बड़ा विवाद पैदा हो गया है। उनका कहना है कि मुस्लिम परिवारों को परिवार नियोजन में शामिल होने की ज़रूरत नहीं है और उन्हें ज़्यादा से ज़्यादा बच्चे पैदा करने की ज़रूरत है।

तुर्की के राष्ट्रपति का ये भी कहना है परिवार नियोजन मुस्लिम रिवाज़ों के ख़िलाफ़ है। उनका ये भी मानना है कि महिलाएं बच्चे पैदा करने के लिए ही होती है।सोमवार को टेलीविजन पर प्रसारित संदेश में ताईप एरदोन ने मुसलमानों से परिवार नियोजन या जनसंख्या नियंत्रण के कार्यक्रमों में शामिल नहीं होने को कहा।

उन्होंने कहा, "ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करना मुसलमानों के लिए पवित्र काम है। उन्हें अपने वंशजों की संख्या बढ़ानी चाहिए। परिवार नियोजन या जनसंख्या नियंत्रण पश्चिम की देन है। इसमें किसी भी मुस्लिम परिवार को शामिल नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा,"यह अल्लाह का काम है। इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता। यह महिलाओं का पहला काम है।"

महिला संगठनों और विपक्षी नेताओं ने एरदोगन के इस बयान की आलोचना करते हुए इस लैंगिक समानता के खिलाफ बताया है। हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब तुर्की के राष्ट्रपति ने इस तरह की बात की हो। इससे पहले वे जनसंख्या नियंत्रण के प्रयासों को राजद्रोह करार दे चुके हैं। गौरतलब है कि तुर्की की बहुसंख्यक आबादी मुसलमानों की है। लेकिन, इस देश में बीते कई दशकों से कुर्द अधिकारों को लेकर संघर्षरत हैं। इसके कारण हुई हिंसा में अब तक 40 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।