तुर्की सरकार ने 10 हजार अधिकारियों को किया बर्खास्त और 15 मीडिया संस्थानों पर लगाया ताला

नई दिल्ली ( 31 अक्टूबर ) : जुलाई में तख्तापलट की नाकाम कोशिश के मामले में तुर्की सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 हजार से ज्यादा प्रशासनिक अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। इसके अलावा 15 मीडिया संस्थानों पर भी ताला लगाने के आदेश दिए हैं। तुर्की सरकार ने अपनी जांच में ये पाया कि बर्खास्त अधिकारी और मीडिया संस्थान अमेरिका समर्थित धर्मगुरु फतुल्ला गुलेन को समर्थन देते थे। इससे पहले तुर्की सरकार पहले भी एक लाख से ज्यादा कर्मचारियों को या तो निलंबित या बर्खास्त कर चुकी है।

नाकाम तख्तापलट मामले में 37 हजार से ज्यादा लोग जेल में बंद हैं। राष्ट्रपति अरडोगान ने कहा कि फतह गुलेन से किसी भी तरह के संबंध रखने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। तुर्की की संप्रभुता की रक्षा के लिए ऐसे तत्वों के खिलाफ अभियान चलाना बेहद ही जरूरी है। लेकिन विपक्ष का कहना है कि जिस तरह से सरकार कार्रवाई कर रही है वो अपने आप में तख्तापलट से कम नहीं है। इस तरह की कार्रवाई से सरकारी तंत्र शिथिल पड़ चुका है। लोगों को बुनियादी दिक्कतों के साथ-साथ असुरक्षा का भी ऐहसास हो रहा है।

मुख्य विपक्षी दल रिपब्लिकन पीपल्स पार्टी के सांसद सीन तानरीकुलु ने कहा कि राष्ट्रपति अरडोगान खुद तानाशाह बनते जा रहे हैं। तख्तापलट के लिए जिम्मेदार लोगों की आड़में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है।तुर्की की एक अदालत ने कुर्दिश बहुल राज्य डियारबाकिर के मेयर फिरत अनली को आतंकी संगठनों से मेलजोल के आरोप में गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। अभियोजन पक्ष ने फिरत के अलावा एक और मेयर गुल्तान किसानाक की भी गिरफ्तारी की मांग की है।