तुर्की में तख्तापलट की कोशिश के बीच 250 लोगों की मौत

नई दिल्ली(16 जुलाई):  तुर्की की सेना के एक गुट द्वारा टैंकों और लड़ाकू विमानों की मदद से सरकार का तख्ता पलटने की कोशिशों के बीच एर्दोग़ान ने इस्तांबुल ने दावा किया है कि सत्ता पर उनका नियंत्रण बना हुआ है और विरोधियों की साज़िश को नाकाम कर दिया गया है। गौरतलब है कि देर रात तुर्की में सैनिक और टैंक सड़कों पर उतर आए तथा आठ करोड़ की आबादी वाले देश के दो सबसे बड़े शहरों अंकारा और इस्तांबुल में सारी रात धमाके होते रहे। तुर्की नाटो का सदस्य है। देश के कार्यकारी सेन्य प्रमुख ने भी तख्तापलट करने वालों के प्रयासों को नाकाम करने की बात कही है।

राष्ट्रपति एर्दोग़ान ने तख्तापलट के प्रयास की निंदा करते हुए कहा कि जिस राष्ट्रपति को 52 प्रतिशत लोग सत्ता में लेकर आए, वही इन चार्ज है। जिस सरकार को लोगों सत्ता में लेकर आए, वही इन चार्ज है। जब तक हम अपना सब कुछ दाव पर लगाकर उनके खिलाफ खड़े हैं, तब तक वह कामयाब नहीं हो सकते।'

1500 लोग हिरासत में तख्तापलट की कोशिश के विफल होने के दावे के बीच अधिकारियों ने कहा कि तुर्की के बड़े शहरों में रातभर हुई हिंसा में करीब 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। जिसमें 104 वह हैं जिनका साज़िश में हाथ था। इसके अलावा 1,154 घायल हुए हैं। 1500 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

प्रधानमंत्री बिन अली यिलदरिम ने कहा कि जो भी इसके पीछे है उसे बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। पीएम ने यह भी कहा कि तुर्की में तख्तापलट के प्रयास के बाद नया कार्यवाहक सैन्य प्रमुख नियुक्त किया गया है। वहीं कई घंटों की अफरातफरी के बाद राष्ट्रपति ने इस बारे में अनश्चितता खत्म की कि वह कहां हैं। वह सुबह के समय विमान से इस्तांबुल हवाईअड्डे पहुंचे और सैकड़ों समर्थकों ने उनका स्वागत किया।इससे पहले प्रधानमंत्री बिनअली यिलदरिम ने एनटीवी टेलीवीजन को बताया, 'हां यह सही है कि यहां (तख्तापलट की) ऐसी कोशिश की गई। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा चुनी गई सरकार अब भी सत्ता में है। यह सरकार तभी हटेगी, जब लोग उसे कहेंगे।