सुनामी से निपटने के लिए शुरू हुई सबसे बड़ी मॉक ड्रिल, 23 देश इसमें शामिल

(प्रतीकात्मक तस्वीर)

नई दिल्ली (7 सितंबर): सुनामी से लड़ने के लिए कितने तैयार हैं देश, इसकी जांच के लिए बुधवार से सबसे बड़ी मॉक ड्रिल शुरू हुई। यूनेस्को (UNESCO) द्वारा संयोजित और हिन्द महासागर में की जाने वाली इस मॉक ड्रिल में कुल मिलाकर 23 देश भाग ले रहे हैं। इस दौरान हिन्द महासागर में सचमुच बेहद बड़ी और 'जानलेवा' सुनामी पैदा की जाएंगी। 

भारत के अधिकतर समुद्रतटीय इलाके में सुनामी आने की आशंका हमेशा बनी रहती है। यही कारण है कि भारत भी इस मॉक ड्रिल में शामिल हुआ है। बता दें कि इस तरह की मॉक ड्रिल व्यवस्था को अलर्ट रखती हैं। इससे आपात स्थिति में निपटने में सहायता मिलती है।

पहली ड्रिल बुधवार सुबह 8:30 बजे शुरू हई, जिसके तहत सुमात्रा के दक्षिण में 9.2 तीव्रता वाला भूकंप पैदा किया जा रहा है। वैसे, इस इलाके में वास्तव में भूकंप आने पर जो सुनामी आएगी, उसकी चपेट में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह और चेन्नई समेत भारत का समूचा पूर्वी तट आ जाएगा।

चेतावनी जारी होने के बाद लगभग 40,000 लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। इंडोनेशियाई इलाके से पैदा हुई किसी सुनामी को भारतीय तटों तक पहुंचने में आमतौर पर तीन घंटे लगते हैं, सो, लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पर्याप्त समय मिल सकता है। यह ड्रिल 15 घंटे से भी ज़्यादा चलने की संभावना है।