स्याही फेंकने से पहले केजरीवाल के पीए ने जवानों को किया था साइड

नई दिल्ली (19 जनवरी): दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर स्याही फेंकने के मामले में नया पेंच सामने आ रहा है। उस वक्त केजरीवाल की सुरक्षा में तैनात पुलिस वाले ने बताया है कि मुख्यमंत्री के पीए ने ही उन्हें मंच से दूर रहने को कहा था। सुरक्षा में तैनात इन जवानों के मुताबिक इसी वजह से वो महिला केजरीवाल के इतने करीब आ पाई। आपको बता दें कि इस घटना के बाद आम आदमी पार्टी ने पुलिस सुरक्षा पर सवाल उठाए थे। वहीं केजरीवाल के MLA सोमनाथ भारती ने कहा है कि जिस वक्त स्याही फेंकी गई, उस वक्त वहां कोई पुलिसवाला नहीं था।

गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर छत्रसाल स्टेडियम में आयोजित एक कार्यक्रम में स्याही फेंकी गई। भावना नाम की यह महिला आम आदमी सेना से हैं और पहले भी आप पार्टी का विरोध करती रही हैं।

अरविंद केजरीवाल पर स्याही फेंकने वाली महिला ने न्यूज24 को बताया था कि जब आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता उसे हटाने लगे तब उसने स्याही फेंकी। हालांकि दिल्ली पुलिस ने देर रात भावना अरोड़ा से पूछताछ की और देर रात ही मजिस्ट्रेट के सामने पेश भी कर दिया। पूछताछ के दौरान आरोपी महिला ने कहा कि वो केजरीवाल को ऑड ईवन स्कीम के दौरान सीएनजी घोटाले की जानकारी देना चाहती थी, लेकिन वो मुझसे नहीं मिले। इतना ही नहीं भावना ने आप के वोलंटियर्स पर बदसलूकी का भी आरोप लगाया। 

मनीष सिसोदिया ने बीजेपी को बताया घटना का जिम्मेदार घटना के बाद दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ये बीजेपी की साजिश है। ''ये (बीजेपी) हत्या भी करा सकते हैं।'' दिल्ली पुलिस ने कोई भी सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई। मनीष सिसोदिया ने कहा, ''बीजेपी वाले कहीं ना कहीं, इस तरह के मौकों का फायदा उठाकर अरविंद केजरीवाल या दिल्ली की पूरी कैबिनेट पर हमला करवाना चाहते हैं।''

क्या बोली दिल्ली पुलिस वहीं दिल्ली पुलिस के पीआरओ राजन भगत ने सुरक्षा व्यवस्था में खामी के आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने केजरीवाल को सुरक्षा ना प्रदान किए जाने के आरोपों को नकारते हुए कहा, ''दिल्ली पुलिस के खिलाफ षडयंत्र के आरोप निराधार हैं। दिल्ली पुलिस ने नियमों के आधार पर सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए थे।''