11 किलो सोना पहनते हैं 'गोल्डन बाबा', कारनामे जानकर आपके होश उड़ जाएंगे...

नई दिल्ली (17 अप्रैल): उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ कुंभ में वैसे तो कई ऐसी बातें हैं, जो इसे खास बनाती हैं और आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। लेकिन इसके अलावा इस बार गोल्डन बाबा काफी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। 

आपको जानकर हैरानी होगी, इन बाबा को करोड़ों की कीमत के सोने के गहनों पहनने के कारण गोल्डन बाबा कहा जाता है। इतना ही नहीं, गोल्डन बाबा की असली पहचान जानना चाहेंगे। दरअसल, गोल्डन बाबा दिल्ली के गांधीनगर थाने के हिस्ट्रीशीटर सुधीर उर्फ बिट्टू भगत हैं। मीडिया में आई रिपोर्ट के मुताबिक, सुधीर उर्फ बिट्टू भगत के खिलाफ अपहरण और फिरौती समेत तरीबन 34 मामले विचाराधीन हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, उन पर जबरन धन उगाही के भी आरोप हैं। 

गोल्डन महाराज के कारण दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी भारी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। दरअसल विधानसभा चुनाव से पहले गोल्डन बाबा के साथ केजरीवाल की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। इस लेकर केजरीवाल विरोधियों के निशाने पर आ गए थे। दिलचस्प यह है कि करोड़पति बाबा गोल्डन पुरी के ज्यादातर अनुयायी गरीब तबके के लोग हैं। हालांकि, कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ भी इनकी फोटो है। केजरीवाल की तरह ही गोल्डन बाबा की उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ भी फोटो हैं। इसके अलावा बाबा के विदेश भक्त भी है, जिनमें लड़कियां भी शामिल है। 

मध्य प्रदेश पुलिस के जवानों को उनकी सुरक्षा में मुस्तैद किया गया हैं। बताया जाता है कि वे किसी समय गांधीनगर में ही दर्जी का काम करते थे। बाद वे हरिद्वार चले गए। कुछ दिनों बाद लौटे तो गांधीनगर में मंदिर बनवा दिया और धीरे-धीरे आश्रम का रूप देकर महंत बन बैठे। वे भक्तों से नकदी की जगह सोना लेते थे। पांच साल में गोल्डन बाबा का चेहरा कई बार बदला। वे 2007 और फिर 2012 में प्रयाग में हुए कुम्भ मेले में भी शामिल रहे हैं। जरायम की दुनिया में बिट्टू भगत उर्फ सुधीर उस वक्त चर्चा में आए जब 2007 में 25 लाख की फिरौती के लिए किए गए अपहरण के मामले में भी उनका नाम सामने आया।