मुस्लिमों के बाद अब ट्रंप के निशाने पर हिंदु

नई दिल्ली ( 3 फरवरी ): अमेरिका ने कुछ दिनों पहले सात मुस्लिम देशों के लोगों पर अमेरिका में घुसने पर बैन लगा दिया है। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ऐसे दो और फैसले ले सकते हैं जिनसे अमेरिका और दुनियाभर में विवाद खड़ा हो सकता है। पहला- आतंकवाद के खिलाफ उनकी पॉलिसी में सिर्फ इस्लामिक कट्टरपंथ पर फोकस रहेगा। हिंसा फैलाने वाले व्हाइट्स इसके दायरे में नहीं होंगे। दूसरा- वे ऐसा कॉन्ट्रोवर्शियल एग्जीक्यूटिव ऑर्डर लाने की तैयारी में हैं जो यूएस में धार्मिक आजादी को रोकेगा। अगर वे नए ऑर्डर पर साइन कर देते हैं तो अमेरिकी लोग और वहां के ऑर्गनाइजेशंस को उन लोगों के साथ भेदभाव का हक मिल जाएगा, जो दूसरे धर्मों को मानते हैं।

यूएस मीडिया का कहना है कि अगर ट्रम्प ऐसा ऑर्डर जारी करते हैं तो इससे सोसायटी में बड़े पैमाने पर भेदभाव को बढ़ावा मिलेगा।

जानिए ये दो मामले...

धार्मिक आजाद रोकने के लिए ड्राफ्ट ऑर्डर तैयार

द वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के प्रेस सेक्रेटरी शॉन स्पाइसर ने कहा कि ट्रंप इस बारे में विचार कर रहे हैं कि धर्म से जुड़ी पॉलिसीज को मानने की मजबूरी से अमेरिकियों को कैसे आजादी दी जाए। हमारे देश में धर्म की आजादी है। लेकिन मुझे लगता है कि लोगों को उनका धर्म मानने, उसे एक्सप्रेस करने की आजादी करनी चाहिए। कभी-कभी पॉलिटिकल करेक्टनेस के नाम पर मामला इसके उलट भी हो सकता है। इस बारे में आखिरी फैसला प्रेसिडेंट को करना है।

क्या है ड्राफ्ट ऑर्डर

ड्राफ्ट ऑर्डर में ऐसे कई प्रपोजल्स शामिल हैं जिनकी कंजर्वेटिव क्रिश्चियन्स लंबे वक्त से मांग कर रहे थे। इसमें उन संगठनों को कानूनी हिफाजत देने की मांग शामिल है जो कई तरह सर्विसेस में धर्म को आधार बनाकर एतराज जताते हैं।

द वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, नए ऑर्डर पर अगर ट्रंप साइन कर देते हैं तो पर्सनल फ्रीडम से ज्यादा धर्म को तरजीह दी जाएगी। यानी धार्मिक संगठन, बिजनेसेस और इंडिविजुअल्स को उन लोगों के साथ भेदभाव करने का मौका मिल जाएगा जो उनसे सहमति नहीं रखते या जो दूसरे को धर्मों को मानते हैं।

यही नहीं, अबॉर्शन कराने वाली महिलाओं से भी वर्कप्लेस पर भेदभाव होने लगेगा। LGBT कम्युनिटी को नौकरियां नहीं मिलेंगी और ट्रांसजेंडर्स को पब्लिक यूटिलिटी का इस्तेमाल करने से लोग रोक सकेंगे।

इस्लामिक कट्टरपंथ पर ही फोकस करेंगे ट्रम्प

डोनाल्ड ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन आतंकवाद और कट्टरपंथियों के खिलाफ जो नई पॉलिसी इस्तेमाल कर रहा है, उसके निशाने पर सिर्फ इस्लामिक कट्टरपंथ है।