अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खोली नवाज शरीफ की पोल, ये पाकिस्तान झूठा है...

डॉ. संदीप कोहली,​

नई दिल्‍ली (2 दिसंबर) : अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पोल दुनिया के सामने खोल कर रख दी है। ट्रंप की टीम ने पाकिस्तान के उन दावों को खारिज किया है जिसमें कहा गया था कि ट्रंप ने पाकिस्तान को भरोसा दिलाया है कि उसकी हर दिक्कत अमेरिका दूर करेगा। पाकिस्‍तान के प्रेस इनफॉर्मेशन ब्‍यूरों यानी पीआईबी ने ये झूठ पूरी दुनिया में फैलाया है। पीआईबी ने हाल ही में हुई ट्रंप और नवाज शरीफ के बीच बातचीत का रीडआउट रिलीज किया। रीडआउट उन फोन कॉल्‍स की खास बातें होती हैं जो विश्व को दो नेताओं के बीच की जाती है। पाकिस्तान की पीआईबी ने रीडआउट में दावा किया था कि ट्रंप ने पाक पीएम नवाज शरीफ और पाकिस्तानियों की जमकर तारीफ की है। साथ ही ट्रंप ने पाकिस्‍तान को महान देश बताते हुए नवाज शरीफ को शानदार पुरुष कहा। लेकिन यह सब झूठ है 'सफेद झूठ'। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मीडिया टीम का कहना है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के साथ उनकी बातचीत जरूर हुई है, लेकिन बातचीत का पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने जो मतलब निकाला, वह पूरी तरह गलत है। पाकिस्तान ने बातचीत को मिर्च-मसाला लगाकर दुनिया के सामने पेश किया है। 

पाकिस्तान का झूठ, जो गले से नहीं उतरेगा नीचे - पाक पीएम नवाज शरीफ के कार्यालय ने ट्रंप के साथ बातचीत का एक वक्तव्य जारी किया। - जिसमें कहा गया कि डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को एक ‘अद्भुत’ देश करार दिया है। - वक्तव्य के अनुसार ट्रंप ने कहा पाक के समक्ष बनी हुई समस्याओं का समाधान ढूंढ़ेंगे। - आप किसी भी समय यहां तक की पदभार संभालने से पहले भी मुझे फोन कर सकते हैं। - वक्तव्य के मुताबिक ट्रंप ने शरीफ से कहा कि उनकी बहुत अच्छी छवि है।  - यही नहीं वक्तव्य में लिखा गया कि शरीफ एक शानदार इंसान हैं।  - आपसे बात कर ऐसा महसूस हो रहा है कि जैसे लंबे समय से जानता हूं। - आप अद्भुत काम कर रहे हैं मैं जल्द ही आपसे मिलने की आशा कर रहा हूं। 

हकीकत में क्या हुई थी बातचीत - अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद दुनियाभर के नेता ट्रंप को बधाईयां दे रहे हैं। - इसी सिलसिले में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने ट्रंप को फोन किया था। - ट्रंप की टीम के मुताबिक बातचीत के दौरान ट्रंप ने शरीफ से सवाल पूछा था। - अमेरिका के साथ पाक भविष्य में कामकाजी संबंध कैसे मजबूत बना सकता है।  - ट्रंप ने कहा कि वह शरीफ के साथ मजबूत और लंबे समय तक संबंध चाहते हैं। - ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने से पहले ही कह दिया था कि दोनों देशों के बीच नहीं आएंगे। - भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता सिर्फ तभी करेंगे जब दोनों देश अनुरोध करेंगे।  - ट्रंप की टीम ने कहा फोन पर हुई बातचीत का पाकिस्तान ने गलत मतलब निकाला। - बातचीत को बिना कोई मिर्च-मसाला लगाये सीधे-सादे पेश करना चाहिए था। 

ट्रंप की जीत से बेचैन है पाकिस्तान डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति चुने जाने के बाद से ही अगर दुनिया का कोई देश परेशान है तो वो है पाकिस्तान। पाकिस्तान को डर सता रहा है कि ट्रम्प का राष्ट्रपति चुना जाना भारत के लिए वरदान और पाकिस्तान के लिए किसी अभिशाप से कम नहीं है। इसका वाजिब कारण भी है-

– ट्रम्प ने अपने प्रेसिडेंशियल कैम्पेन के दौरान पाक को बताया था खतरनाक मुल्क। – ट्रंप ने कहा था कि पाक ने 9/11 के बाद कई बार धोखा दिया है। – ट्रंप ने कहा था कि राष्ट्रपति बनने पर हर गलती के लिए उसे सजा दूंगा। – इससे अनुमान लगाया गया कि कि वे पाक के मामले में कड़ा फैसला कर सकते हैं। – न्यूजवीक के मुताबिक भारत के पक्ष में मजबूती से खड़े हैं ट्रंप। – भारत में अपने बिजनेस को सिक्योर करने के लिए ट्रंप पाक के खिलाफ हो सकते हैं।  – पाकिस्तान को अमेरिका से मिल रही आर्थिक मदद में कटौती हो सकती है। – ट्रंप ने कैम्पेन में मोदी को महान शख्सियत और खुदको हिंदुओं का फैन बताया था। – ट्रंप ने मोदी की तरह नारा भी दिया था अबकी बार ट्रम्प सरकार।

अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में पहले से ही बढ़ चुकी है तल्खी

- अमेरिका 2011 से पाक को 350 करोड़ डॉलर की सालाना मदद दे रहा था।  - पांच साल में यह मदद 70% तक घट गई।  - 2007 के बाद मदद कम करने का यह पहला मौका होगा।  - अमेरिका का कहना है कि पाकिस्तान तालिबान को सपोर्ट कर रहा है।  - जिसके चलते अमेरिकी और नाटो फौजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। - अमेरिका के मदद की रकम करने से पाक अफसरों में खलबली मच गई है। - हकीकत में पाक इस पैसों का इस्तेमाल तालिबान के खिलाफ नहीं करता। - बल्कि पैसों का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों में करता रहा है।

सैन्य मदद... 2011 : 8700 करोड़ रुपए 2015 : 2200 करोड़ रुपए मई में F16 सौदा भी हुआ था रद्द

आर्थिक सहायता... 2011 : 8000 करोड़ रुपए 2015 : 3700 करोड़ रुपए 2002 से 2015 तक 93900 करोड़ रुपये मिले पाकिस्तान को

भारत की पाक पर सर्जिकल स्ट्राइक (29 सितंबर) के बाद, अमेरिका दे चुका PAK को चेतावनी... 26 अक्टूबर- अमेरिका ने दी चेतावनी, पड़ोसियों पर हमला करने वाले आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करे पाक। 23 अक्टूबर- अमेरिका ने चेताया, जरूरत पड़ी तो पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों को मारने से भी हिचकेंगे नहीं। 15 अक्टूबर- सभी आतंकी समूहों को नेस्तोनाबूत कर आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करे पाकिस्तान। 13 अक्टूबर- अमेरिका ने किया भारत का समर्थन, उरी हमला सीमापार से आतंकवाद, भारत को आत्मरक्षा का हक। 30 सितम्बर- परमाणु हमले की धमकी पर पाकिस्तान को अमेरिका की फटकार, कहा- पाक समझे अपनी ज़िम्मेदारियां। 30 सितम्बर- पाकिस्तान से परमाणु आत्मघाती हमलावर तैयार हो सकते हैं : हिलेरी क्लिंटन ने जताई आशंका। 30 सितम्बर- भारत ने सावधानीपूर्वक आकलन करने के बाद किया लक्षित हमला : अमेरिकी थिंक टैंक कार्नेगी एनडाउमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस। 30 सितम्बर- सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अमेरिका विदेश मंत्रालय का पहला बयान- भारत के हमले को बताया 'सही कदम'।