ट्रंप ने फिर उगला ज़हर, कहा- मस्जिदों की जांच हो, मुसलमानों पर रोक लगे

नई दिल्ली (16 जून): अमेरिकी राष्‍ट्रपति के रिपब्लिकन उम्‍मीदवार डॉनल्‍ड ट्रंप ने ऑरलैंडो हमले के बाद एक बार फिर मुसलमानों के खिलाफ बयान दिया है। ट्रंप ने दोहराया है कि अगर आतंकवाद पर काबू पाना है तो मस्जिदों पर निगरानी रखनी होगी और मुसलमानों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाना होगा। अटलांटा में एक रैली में ट्रंप ने कहा कि हमें सम्‍मानपूर्वक, मस्जिदों की जांच करनी होगी, हमें अन्‍य जगहों की जांच करनी होगी क्‍योंकि यह एक ऐसी समस्‍या है जिसका हमने समाधान नहीं किया तो यह हमारे देश को जिंदा निगल जायेगी।

इससे पहले, मुसलमानों के खिलाफ बयानों को लेकर अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा ने ट्रंप की जमकर आलोचना की थी। तब गुस्‍से में भरे हुए ओबामा ने कहा था कि ट्रंप के इस तरह के बयान अमेरिका के लिए काफी घातक हैं। साथ ही उन्‍होंने ऑरलैंडो में अफगान मूल के शख्‍स उमर मतीन द्वारा गोलीबारी कर 49 लोगों को मारने के बाद मुस्लिमों के खिलाफ किसी भी तरह के गलत बर्ताव के खिलाफ अपील की थी। मुसलमानों के खिलाफ अपने बयान को जायज ठहराते हुए ट्रंप ने उमर मतीन का हवाला देते हुए कहा, फ्लोरिडा में गोलीबारी करने वाले मतीन का जन्‍म भले ही अमेरिका में हुआ था, लेकिन उसके पैरंट्स और उसके आइडियाज का जन्‍म यहां नहीं हुआ था।

इससे पहले पिछले साल नवंबर में भी ट्रंप ने अमेरिका में मस्जिदों की निगरानी करने की बात कही थी। इसके साथ ही उन्‍होंने अमेरिका आ रहे सीरियाई शरणार्थियों का डेटाबेस बनाए जाने की भी मांग की थी। मस्जिद और मुसलमानों के खिलाफ ट्रंप के बयान पर काउंसल ऑन अमेरिकन-इस्‍लामिक रिलेशन्‍स के कम्‍युनिकेशन्‍स डायरेक्‍टर इब्राहिम हूपर ने कहा कि अमेरिकी मस्जिदों में किसी तरह के चरमपंथ या हिंसा का पाठ नहीं पढ़ाया जाता।