चीन-जापान और मास्को से पहले ट्रंप ने मोदी को फोन मिलाया

नई दिल्ली (25 जनवरी): अमेरिका के नए राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने मंगलवार देर रात पीएम नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की। डॉनल्ड ट्रंप ने 4 दिन पहले अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली है। वाइट हाउस के प्रेस सेक्रटरी सीन स्पाइसर ने ट्रंप और मोदी के बीच हुई बातचीत की जानकारी दी। पीएम मोदी दुनिया भर के देशों के ऐसे पांचवें नेता हैं जिनसे शपथ लेने के बाद डॉनल्ड ट्रंप ने बात की है। डॉनल्ड ट्रंप का शपथ ग्रहण समारोह 20 जनवरी को था। 21 जनवरी को ट्रंप ने कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो और मेक्सिको के राष्ट्रपति एनरिक पेना नीतो से बात की थी। उन्होंने रविवार को इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की थी और सोमवार को उन्होंने उन्होंने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी से फोन पर बात की।

 ट्रंप की यह कॉल भारत और अमेरिका के संबंधों में प्रगाढ़ता के तौर पर देखी जा रही है। ट्रंप ने इस कॉल के लिए नई दिल्ली को मॉस्को, पेइचिंग, तोक्यो या किसी अन्य यूरोपियन देश की राजधानी से प्राथमिकता दी है। ट्रंप ने आठ नवंबर को हुए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में अपनी ऐतिहासिक जीत से दुनिया को हैरत में डाल दिया था।  ट्रंप की जीत के बाद उन्हें सबसे पहले बधाई देने वाले दुनिया के पांच नेताओं में मोदी भी शामिल थे। चुनाव अभियान के दौरान ट्रंप ने सत्ता में आने के बाद इस्राइल समेत जिन देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने की बात की थी उन देशों में भारत का नाम भी था। रिपब्लिकन हिंदू कोआलिशन ने आतंक से पीड़ित कश्मीरी पंडितों और बांग्लादेशी हिंदू पीड़ितों के लिए 15 अक्टूबर को एडिसन में एक चैरिटी कार्यक्रम का आयोजन किया था। इसमें ट्रंप ने भारत की तेज विकास दर, मोदी द्वारा नौकरशाही में और अर्थव्यवस्था में किए गए सुधारों की प्रशंसा की थी। उस वक्त ट्रंप राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार थे।

ट्रंप ने न्यूजर्सी के एडिसन में भारतीय मूल के अमेरिकियों से कहा था, 'ट्रंप के प्रशासन के तले हम और बेहतर दोस्त बनने जा रहे हैं, वास्तव में मैं चीजों को और बेहतर करूंगा और हम सबसे अच्छे दोस्त बनेंगे।' उन्होंने कहा था, 'मैं प्रधानमंत्री मोदी के साथ काम करने के लिए उत्साहित हूं।' उन्होंने मोदी को उर्जावान नेता बताते हुए कहा था कि 'भारत एक महत्वपूर्ण रणनीतिक सहयोगी है।'