पहली विदेश यात्रा पर मुस्लिमों से आतंकवाद से लड़ने की अपील करेंगे ट्रंप

नई दिल्ली ( 20 मई ): अमेरिका के राष्ट्रपति का पदभार संभालने के बाद डोनाल्ड ट्रंप अपने पहले विदेशी दौरे के लिए रवाना हो चुके हैं। सबसे पहले वह सऊदी अरब जाएंगे। इसके बाद वह इजरायल, वैटिकन सिटी, बेल्जियम और इटली भी जाएंगे। ट्रंप की कूटनीतिक दक्षता और विदेश नीति के लिहाज से यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है।

मध्यपूर्व एशिया के अपने पहले दौरे पर मुस्लिम समाज से एक खास अपील करने वाले हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप सऊदी में संबोधन देते हुए मुस्लिम देशों से अपील करने वाले हैं कि वे आतंकवाद और कट्टरपंथ से लड़ने के लिए एकजुट हों। ट्रंप इस दौरान अरब देशों के राष्ट्राध्यक्षों से भी अपील करेंगे कि 'अच्छाई और बुराई की इस लड़ाई में' वे अपनी 'पूजा और इबादत की जगहों से आतंकवादियों को बाहर निकाल दें।' ट्रंप रविवार को सऊदी अरब में भाषण देते हुए ये बातें कह सकते हैं।

अपने चुनाव अभियान के दौरान ट्रंप ने मुस्लिम विरोधी कई बातें और घोषणाएं की थीं। अब वह उनमें से कई चीजों के साथ किनारा करते दिख रहे हैं। संकेतों की मानें, तो ट्रंप अपनी मुस्लिम नीति में बदलाव करते दिख रहे हैं। सऊदी की अपनी यात्रा के दौरान ट्रंप मध्यपूर्वी देशों के साथ अमेरिका के संबंध और मजबूत करने पर ध्यान देना चाहते हैं।

ड्राफ्ट में लिखा गया है, 'हम यहां भाषण देने नहीं आए हैं। हम यह बताने भी नहीं आए हैं कि लोगों को कैसे जीना चाहिए, कैसे रहना चाहिए, क्या करना चाहिए और कैसा बनना चाहिए। हम यहां आपके साथ सहयोग का प्रस्ताव लेकर आए हैं। हम आपके साथ ऐसा सहयोग कायम करना चाहते हैं जो कि हम सबके लिए एक बेहतर भविष्य की नींव बनेगा।' ट्रंप शुक्रवार दोपहर को सऊदी अरब के लिए रवाना हो चुके हैं।