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कभी देते परमाणु हमले की धमकी, अब ऐसे बन गए दोस्त

डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग-उन की सिंगापुर में गर्मजोशी को देखकर यह नहीं लग रहा था कि एक समय में ये दोनों नेता एक-दूसरे के देश को तबाह कर देने की धमकी देते थे। दोनों नेता कुछ महीने पहले एक-दूसरे के लिए सनकी, पागल, बूढ़ा, रॉकेटमैन जैसे शब्दों का प्रयोग करते थे। लेकिन परमाणु हमले की धमकी देने वाले दोनों नेता अब शांति की बात कर रहे हैं। आईए जानतें हैं कि कैसे एक-दूसरे को तबाह करने की धमकी देने वाले दो दुश्मन बन गए दोस्त।

न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 12 जून ): अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के प्रमुख किम जोंग उन के बीच सिंगापुर में दो दौर की ऐतिहासिक मुलाकात हुई। दोनों नेताओं के बीच एक व्यापक दस्तावेज पर हस्ताक्षर हुए हैं। इसमें परमाणु हथियारों के खात्मे का अहम करार भी शामिल है।

दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हम एक बड़ी समस्या का समाधान करने जा रहे हैं और दुनिया एक बड़ा बदलाव देखेगी। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि किम जोंग से बातचीत को लेकर किसी ने जितनी उम्मीद की होगी, उससे भी कहीं ज्यादा बेहतर मुलाकात हुई है।

लेकिन डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग-उन की सिंगापुर में गर्मजोशी को देखकर यह नहीं लग रहा था कि एक समय में ये दोनों नेता एक-दूसरे के देश को तबाह कर देने की धमकी देते थे। दोनों नेता कुछ महीने पहले एक-दूसरे के लिए सनकी, पागल, बूढ़ा, रॉकेटमैन जैसे शब्दों का प्रयोग करते थे। लेकिन परमाणु हमले की धमकी देने वाले दोनों नेता अब शांति की बात कर रहे हैं। आईए जानतें हैं कि कैसे एक-दूसरे को तबाह करने की धमकी देने वाले दो दुश्मन बन गए दोस्त।

-डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट किया कि उत्तर कोरिया कभी भी ऐसे हथियार विकसित नहीं कर पाएगा जिसकी पहुंच अमेरिकी महाद्वीप तक हो। ट्रंप ने यह ट्वीट किम जोंग के उस दावे के बाद किया था जिसमें उन्होंने कहा था कि उत्तर कोरिया अपना अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल (ICBM) विकसित करने के आखिरी चरण में है।

-डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद संभालने के बाद प्योंगयांग ने 11 फरवरी, 2017 को अपना पहला बलिस्टिक मिसाइल लॉन्च किया। सीएनएन के मुताबिक, इस मिसाइल परीक्षण का आदेश खुद किम जोंग ने दिया था और वह लॉन्च के वक्त खुद भी मौजूद थे।

-उत्तर कोरिया ने अमेरिका के सहयोगी देश जापान के पास से 4 मिसाइल लॉन्च किया। पांचवां मिसाइल टेस्ट असफल रहा।-संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सर्वसम्मत्ति से उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों को देखते हुए उसके ऊपर नए प्रतिबंधों लगाने संबंधी प्रस्ताव पास किया।-उत्तर कोरिया ने जापान के ऊपर से मिसाइल दागा, जिसके बाद से अमेरिका के साथ तनाव बढ़ने लगा।-तमाम चेतावनियों के बावजूद उत्तर कोरिया ने घोषणा की कि उसने अपने सबसे शक्तिशाली और छठे हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया है।-ट्रंप ने को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने पहले संबोधन में कहा कि उत्तर कोरिया को अमेरिका पूरी तरह तबाह कर देगा। इतना ही नहीं ट्रंप ने किम को रॉकेटमैन करार देते हुए कहा कि तानाशाह आत्मघाती मिशन पर निकला है।-किम जोंग-उन ने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को मानसिक रूप से कमजोर बताया और कहा कि यह शख्स अमेरिका को आग में झोंक देगा। इसके बाद ट्रंप ट्रंप ने किम जोंग उन को सीधे मैडमैन यानी पागल कहा। ट्रंप ने कहा 'किम ऐसे पागल हैं जो अपने लोगों की परवाह नहीं करते हैं। ट्रंप ने कहा कि इस बार इस पागल को सबक जरूर सिखाया जाएगा। साथ ही इस बार उसे ऐसे इम्तिहान का सामना करना पड़ेगा जैसे उसने पहले कभी नहीं किया।-उत्तर कोरिया ने अपने ह्वॉसॉन्ग-15 ICBM मिसाइल के सफल परीक्षण की घोषणा की। इस मिसाइल की जद में पूरा अमेरिका था।-संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ने के लिए नए प्रतिबंधों की घोषणा की। उत्तर कोरिया के तेल आयात तक पर भी प्रतिबंध लगाए गए।-प्योंगयांग ने संयुक्त राष्ट्र के नए प्रतिबंधों को युद्ध के लिए उकसावा करार दिया।-किम जोंग ने नए साल पर अपने संबोधन में कहा कि उनकी टेबल पर न्यूक्लियर बटन है। जिसके जवाब में ट्रंप ने कहा था कि उनकी टेबल पर बहुत बड़ा और शक्तिशाली न्यूक्लियर बटन है और उनका बटन काम भी करता है। इस दौरान किम जोंग ने दक्षिण कोरिया से अपने रिश्ते सुधारने की बात कही थी।-किम जोंग-उन की बहन दक्षिण कोरिया में हुए विंटर ओलिंपिक में हिस्सा लेने पहुंची। कोरियाई युद्ध के बाद उत्तर कोरिया के तानाशाह परिवार से दक्षिण कोरिया जाने वाली वह पहली सदस्य थीं।-उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के साथ समिट के लिए मंजूरी दी। इसके साथ ही यह कहा कि सुरक्षा गारंटी के बदले वह परमाणु निरस्त्रीकरण पर विचार कर सकता है।-अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने किम जोंग-उन के साथ सीधे वार्ता का न्योता स्वीकार किया।-सत्ता संभालने के बाद किम जोंग-उन अपनी पहली विदेश यात्रा पर चीन पहुंचे और राष्ट्रपति किम जोंग-उन से मुलाकात की। किम ने यहां कहा कि वह परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए प्रतिबद्ध हैं। साथ ही उन्होंने दक्षिण कोरिया और अमेरिका के साथ वार्ता की इच्छा जाहिर की।-CIA डायरेक्टर और अब अमेरिका के विदेश मंत्री बन चुके माइक पॉम्पिओ ने प्योंगयांग की यात्रा की। वह प्योंगयांग पहुंचने वाले पहले अमेरिकी अधिकारी थे।-किम ने कहा कि उत्तर कोरिया को अब परमाणु या मिसाइल टेस्ट की जरूरत नहीं है क्योंकि वह परमाणु हथियार विकसित करने के अपने लक्ष्य तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि अब उत्तर कोरिया अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगा। डोनल्ड ट्रंप ने इस फैसले की तारीफ की थी और इसे उत्तर कोरिया के साथ ही दुनिया के लिए भी अच्छी खबर बताया था।-एक दशक से भी ज्यादा समय के बाद उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के नेताओं की मुलाकात हुई। द. कोरिया के राष्ट्रपति और मून जे-इन और किम जोंग-उन ने पूर्णतः परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर प्रतिबद्धता जाहिर की।-ट्विटर पर ट्रंप ने घोषणा की कि वह 12 जून को किम जोंग-उन से सीधे मुलाकात करने जा रहे हैं। प्योंगयांग द्वारा रिहा किए गए तीन अमेरिकी नागरिकों के देश लौटने के कुछ देर बाद ही ट्रंप ने यह ट्वीट किया था।-उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु परीक्षण स्थल 'पुंगेरी' को नष्ट करने की घोषणा की। उत्तर कोरिया ने इसकी जांच के लिए विदेशी जर्नलिस्ट्स को भी प्योंगयांग आने का न्योता दिया।-12 जून, 2018 को ट्रंप और किम के बीच सिंगापुर में ऐतिहासिक मुलाकात हुई। जहां दोनों नेताओं ने सकारात्मक रवैया दिखाया। ट्रंप ने वार्ता से पहले कहा कि उनके और किम के रिश्ते शानदार होंगे और वे दोनों मिलकर किसी भी बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान कर सकते हैं।


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