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आतंक का खामियाजा ट्रंप ने पाक को रोकी खरबों रुपये की USAID

इससे पहले कि मसूद अजहर को वैश्विक आतंकियों की सूची में डाला जाये अमेरिका ने पाकिस्तान के खिलाफ एक और सख्त कदम उठाने के संकेत दे दिये हैं। ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि पाकिस्तान को यूएसएड के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता पर रोक लगाने के संकेत दिये हैं

न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली(12 अप्रैल): इससे पहले कि मसूद अजहर को वैश्विक आतंकियों की सूची में डाला जाये अमेरिका ने पाकिस्तान के खिलाफ  एक और सख्त कदम उठाने के संकेत दे दिये हैं। ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि पाकिस्तान को यूएसएड के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता पर रोक लगाने के संकेत दिये हैं।  अमेरिकी प्रशासन ने जब से पाकिस्तान को मिलने वाली 300 मिलियन डॉलर की मिलिटरी एड पर रोक लगाई है तभी से पाकिस्तान में बौखलाहट मची हुई है। अब यूएसएड की ओर से मिलने वाली 892 मिलियन डॉलर (1 खरब, 26 अरब,32 करोड़ 95 लाख रुपये ) सालाना की मदद बंद हो जाने से पाकिस्तान के हालात और भी बदतर होने की संभावना है।

अमेरिका के लॉ मेकर ब्रॉड शेरमन ने कहा है कि यूएसएड के तहत पाकिस्तान को खरबों डॉलर दिये जा चुके हैं लेकिन सिंध और बलूचिस्तान के अलावा पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों की हालात बहुत खराब हैं। स्कूल और अस्पतालों चिंताजनक स्थिति में हैं। कानून व्यवस्था में कोई सुधार नहीं आया है। हिंदु-सिख और ईसाई अल्पसंख्यकों के जबरन धर्मपरिवर्तन और फोर्स्ड मैरिज की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। इन परिस्थितियों में यूएसएड के तहत पाकिस्तान को मिलने वाली मदद पर  पुनर्विचार जरूरी है। 

अमेरिकी सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान पिछले अट्ठारह सालों में अमेरिका से 21 खरब 90 अरब 80 करोड़ रुपये वसूल चुका है। अब आकर अमेरिका को पता चला है कि पाकिस्तान ने यह पैसा अपने देश की जनता की सुख-सुविधाओं में खर्च करने के बजाय आतंकियों पर खर्च किये हैं।

ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका तालिबान से शांति वार्ता और अमेरिकी फौजों को अफगानिस्तान से वापस करने के मुद्दे पर अब पाकिस्तान से और अधिक ब्लैकमेल नहीं होना चाहता है। अमेरिका को समझ आ गया है कि पाकिस्तान अफगानिस्तान मुद्दे पर आर्थिक शोषण कर रहा है और अमेरिका से मिलने वाली आर्थिक सहायता को आतंकियों को पालने-पोषने पर खर्च कर रहा है। जिससे पाकिस्तान के हालात बदतर हो रहे हैं और दुनिया में आतंक भी बढ़ रहा है। इसलिए आर्थिक मदद रोकने और मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करवाकर पाकिस्तान पर दोतरफा दबाव बनाया जा सकता है।

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