भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं ट्रंप

न्यूयॉर्क (4 अप्रैल): भारत की लाख कोशिशों के बावजूद पाकिस्तान अपनी ना'पाक' हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। आतंकवाद के मुद्दे पर उसका असली चेहरा पूरी दुनिया के सामने आ गया। भारत लगातार उससे लगातार उससे आतकंवाद का रास्ता छोड़कर अमन-चैन और विकास के रास्ते पर चलने की अपील करता रहा है। लेकिन पाकिस्तान को भारत की बात समझ में नहीं आ रहा है। लिहाजा भारत पाकिस्तान के खिलाफ सख्त नजर आ रहा है। भारत के इस सख्ती से पाकिस्तान परेशान है। वो अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों से मदद की गुहार लगाता फिर रहा है।

इन सबके बीच संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की स्थाई प्रतिनिधि निकी हेली ने कहा कि उनका देश भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित है और इसलिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया में शामिल होकर इसे सुलझाना चाहते हैं। निकी हेली के मुताबिक भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित मौजूदा अमेरिकी प्रशासन इसे कम करने की दिशा में अपनी भूमिका पर विचार कर रहा है। यह भी संभव है कि राष्ट्रपति स्वयं इसमें भागीदार बनें और इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा।


गौरतलब है कि भारत, पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर किसी भी बाहरी पक्ष की भागीदारी का विरोध करता रहा है। ट्रंप ने 2016 में अपने चुनाव प्रचार के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच विवादों को सुलझाने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने यह भी कहा था कि ऐसा तभी होगा जब दोनों देश यह चाहेंगे।

ट्रंप ने अपने एक इंटरव्यू में भी कहा था कि यदि वे (भारत-पाकिस्तान) चाहें तो मैं मध्यस्थ की भूमिका निभाना चाहूंगा। हेली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अप्रैल माह की अध्यक्षता अमेरिका द्वारा संभाले जाने के अवसर पर संवाददाता सम्मेलन में सवालों के जवाब दे रही थीं।