अमेरिका और चीन के बीच छिड़ सकती है जंग

नई दिल्ली ( 29 जनवरी ): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप साउथ चाइना सी में चीन के दावे को खारिज कर चुके हैं। चीन को लगता है कि ट्रंप विवादित मामलों को लेकर सख्त रुख अपना सकते हैं। खासतौर पर साउथ चाइना सी यानी दक्षिणी चीन सागर के मुद्दे पर। इसलिए चीन भी अमेरिका से इस इलाके में जंग की तैयारी में जुट गया है। चीनी सेना की आॅफिशियल वेबसाइट पर इस बात की जानकारी एक आर्टिकल के जरिए दी गई है।

पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की वेबसाइट पर 20 जनवरी को एक आर्टिकल पब्लिश किया गया है। इसमें कहा गया कि जब से ट्रम्प प्रेसिडेंट बने हैं तब से वो साउथ चाइना सी और चीन से जुड़े बाकी विवादित मुद्दों पर अमेरिका के सख्त रुख की ओर इशारा कर रहे हैं। प्रशांत महासागर को लेकर अमेरिका अब एग्रेसिव स्ट्रैट्जी अपना सकता है। ये आर्टिकल चीन की सेना के सबसे बड़े ग्रुप सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के एक अफसर ने लिखा है। इसमें कहा गया है कि ट्रम्प साउथ चाइना सी और प्रशांत महासागर में अमेरिकी वॉरशिप्स की तादाद बढ़ाकर चीन पर प्रेशर बनाने की कोशिश करेंगे। और चीन इसके मुकाबले के लिए खुद को तैयार कर रहा है।

आर्टिकल के मुताबिक, ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन साउथ कोरिया में मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात करने जा रहा है। ये चीन के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है। इसमें कहा गया है कि ट्रंप का युद्ध का नारा सिर्फ स्लोगन मत समझिए, क्योंकि वो जमीन पर काम करने की बात कर रहे हैं। चीन के सरकारी अखबार ‘पीपुल्स डेली’ ने भी पिछले रविवार को कहा था कि चीन अमेरिका की तरफ से बढ़ते खतरे को देखते हुए साउथ चाइना सी में खुलेतौर पर मिलिट्री एक्सरसाइज कर सकता है।

 

पिछले महीने चीन का एयरक्राफ्ट कैरियर लियोनिंग ताइवाइ के समुद्री इलाके से गुजरा था। इसके बाद दोनों देशों में तनाव बढ़ गया था। अमेरिका ने तब साफतौर पर ताइवान का फेवर किया था और चीन को वहां से हटने के लिए कहा था।

आर्टिकल के मुताबिक, ट्रंप ने विदेश मंत्री के तौर पर रेक्स टिलरसन को नॉमिनेट किया है। रेक्स तो साफ कर चुके हैं कि अमेरिका को साउथ चाइना सी में चीन की बढ़त को रोकना होगा। रेक्स ने कहा था कि चीन इस इलाके में आर्टिफिशियल आईलैंड्स बना रहा है। अमेरिका के लिए ये जरूरी हो जाता है कि वो चीन के इस कदम को रोके।