ओबामा के रूस से संबंध, फोन टैप करने के दिये थे आदेश- ट्रंप का आरोप

नई दिल्ली (6 मार्च): डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि पूर्व प्रेसिडेंट बराक ओबामा ने 2016 के इलेक्शंस के दौरान उनके फोन टैप कराए थे। ट्रम्प ने अमेरिकी कांग्रेस से कहा कि इस मामले की जांच कराई जानी चाहिए। ट्रम्प ने ये भी आरोप लगाया कि ओबामा ने 2012 में रशियन लीडर दिमित्री मेदवेदेव से फोन पर सीक्रेट बातचीत की थी।

- ट्रम्प ने आरोप लगाया था कि नवंबर में हुए प्रेसिडेंशियल इलेक्शन के पहले ओबामा ने ट्रम्प टॉवर में उनके द्वारा की गई बातचीत को टेप करने के ऑर्डर दिए थे।

- ट्रम्प के इन आरोपों के बाद अमेरिका की राजनीति में माहौल गर्म हो गया है। बता दें कि इलेक्शन के कुछ दिनों बाद अमेरिकी मीडिया के कुछ हिस्से में इस तरह की खबरें आईं थीं कि ट्रम्प को इलेक्शन के दौरान रूस की सरकार और उसकी खुफिया एजेंसी ने मदद की थी। हालांकि, ट्रम्प के कैम्प ने आरोपों को बेबुनियाद बताया था।- ट्रम्प के आरोपों को ओबामा के स्पोक्सपर्सन केविन लुइस ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा- ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन के दौरान एक रूल था। इसके मुताबिक, व्हाइट हाउस से जुड़ा कोई भी शख्स जस्टिस डिपार्टमेंट की किसी भी जांच में दखल नहीं देगा।

- लुइस ने आगे कहा- लिहाजा, ओबामा और व्हाइट हाउस के किसी भी स्टाफ ने यूएस के किसी भी सिटीजन के खिलाफ सर्विलांस का कोई ऑर्डर नहीं दिया। आप कह सकते हैं कि इस तरह के आरोप पूरी तरह गलत हैं।

- ट्रम्प ने ओबामा के खिलाफ ये आरोप शनिवार देर रात ट्वीट्स के जरिए लगाए थे। हालांकि, उन्होंने इसके लिए कोई सबूत नहीं दिए थे। ट्रम्प ने इस घटना की तुलना 1970 के वाटरगेट कांड से की थी।- फोन टैपिंग के बाद रविवार को ट्रम्प ने ओबामा पर एक आरोप और लगाया। उन्होंने कहा कि ओबामा ने 2012 में रशियन प्रेसिडेंट दिमित्री मेदवेदेव से फोन पर सीक्रेट बातचीत की थी।