'3 तलाक' खत्म करने के लिए संसद के शीत सत्र में बिल लाएगी सरकार !

नई दिल्ली (21 नवंबर): संसद के शीत सत्र में हो रहे देरी पर जहां कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियां एक के बाद एक सरकार पर हमला कर रही है वहीं इन सबके बीच खबरें आ रही है कि ससंद के अगले सत्र यानी शीतकालीन सत्र के दौरान 3 तलाक रोकने के लिए सरकार संसद में बिल लाने की तैयारी कर रही है। पिछले दिनों ही सुप्रीम कोर्ट ने एक साथ 3 तलाक पर रोक लगाते हुए सरकार को कानून बनाने की सलाह दी थी। तत्कालीन चीफ जस्टिस जेएस खेहर और जस्टिस नजीर ने अल्पमत में दिए फैसले में कहा था कि तीन तलाक धार्मिक प्रैक्टिस है, इसलिए कोर्ट इसमें दखल नहीं देगा। 

सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक सरकार ने 3 तलाक पर विधेयक तैयार करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।  बताया जा रहा है कि 3 तलाक को अपराध बनाने के लिए नया कानून बनाने और पुराने नियमों में सुधार करने पर बात की जा रही है। वर्तमान में तीन तलाक या तलाक-एक-बिदत की शिकार महिला के पास पुलिस के पास जाने के अलावा कोई अन्‍य उपाय नहीं होता है, क्‍योंकि मौलवी या काजी उनकी किसी तरह से मदद नहीं कर सकते। साथ ही ऐसे मामलों में पुलिस भी आरोपी पति के खिलाफ कोई सख्‍त कदम नहीं उठा सकती क्‍योंकि कानून में कोई कड़ा दंड नहीं है।