सुप्रीम कोर्ट तय नहीं कर सकता तलाक की वैधता- मुस्लिम लॉ बॉर्ड

नई दिल्ली (2 सितंबर): तीन तलाक के मसले पर सुप्रीम कोर्ट में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने हलफनामा दिया है। इसमें कहा गया है कि समाज सुधार के लिए मुस्लिम कानून नहीं बदला जा सकता। साथ में यह भी कहा कि तलाक की वैधता सुप्रीम कोर्ट तय नहीं कर सकता है।

पहले कई मामलों में सुप्रीम कोर्ट ये मामला तय कर चुका है। मुस्लिम पर्सनल लॉ कोई कानून नहीं है जिसे चुनौती दी जा सके, बल्कि ये कुरान से लिया गया है। ये इस्लाम धर्म से संबंधित सांस्कृतिक मुद्दा है।