राज्यसभा में आज पेश होगा तीन तलाक बिल, कांग्रेस पर टिकीं नजरें

नई दिल्ली (2 जनवरी): लोकसभा में तीन तलाक बिल को मंजूरी मिलने के बाद आज यानी मंगलवार को राज्यसभा में तीन तलाक बिल पेश किया जाएगा। इस विधेयक में प्रावधान है कि अगर कोई तीन तलाक का दोषी पाया जाता है तो तीन साल की सजा का प्रावधान है। देश के कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद की ओर से 2 जनवरी के लिए मुस्लिम महिला (शादी के अधिकार का संरक्षण) बिल को लिस्टेड कराया गया है।

राज्यसभा में पेश करने के दौरान सरकार व विपक्ष आमने-सामने आ सकते हैं। गैर भाजपा दल इस विधेयक की विस्तृत समीक्षा के लिए इसे प्रवर समिति के पास भेजने की मांग कर सकते हैं। विधेयक पर आगे का रुख तय करने के लिए विपक्षी दल मंगलवार सुबह मिलने वाले हैं। इस विधेयक को गुरुवार को लोकसभा पारित कर चुकी है जहां सरकार बहुमत में है। लेकिन, राज्यसभा में सरकार के पास बहुमत नहीं है। ऐसे में सरकार विधेयक को सदन में पारित कराने के लिए कुछ विपक्षी दलों के संपर्क में है। मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2017 मंगलवार को राज्यसभा में विचार व पारित कराने के लिए सूची में है।

कांग्रेस व कुछ अन्य दलों ने लोकसभा में मांग की थी कि विधेयक को स्थायी समिति के पास भेजा जाए लेकिन सरकार ने इस मांग को ठुकरा दिया था। विपक्ष द्वारा विधेयक में सुझाए गए संशोधनों को भी खारिज कर दिया गया था। विपक्षी सूत्रों का कहना है कि कई दल विधेयक को ऊपरी सदन की प्रवर समिति के पास भेजने के पक्ष में हैं।

कांग्रेस में एक विचार यह पाया जा रहा है कि अगर तीन तलाक को दंडनीय बनाने या सजा की अवधि कम किया जाना संभव न हो तो भी पार्टी को इसे जमानती मामला बनाए जाने पर जोर देना चाहिए।