तीन तलाक पर सरकार के बिल का विरोध करेगा ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

नई दिल्ली (24 दिसंबर): तीन तलाक पर लोक सभा में विधेयक पेश होने से पहले ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने आज आपात बैठक की। बैठक के बाद AIMPLB के नेताओं ने कहा कि ये बिल महिला विरोधी है और वो इसका विरोध करते हैं साथ इन लोगों ने सरकार से इस बिल को वापस लेने की मांग भी की।

इस बैठक में शामिल होने के लिए बोर्ड की वर्किंग कमेटी के सभी 51 सदस्यों के बुलाया गया था। बैठक में बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना राबे हसन नदवी, बोर्ड के महासचिव मौलना सईद वली रहमानी के अलावा सेक्रेटरी मौलना खालिद सैफुल्लाह रहमानी, ख़लीलुल रहमान सज्जाद नौमानी, मौलाना फजलुर रहीम, मौलाना सलमान हुसैनी नदवी भी मौजूद थे। 

ऐसा है सरकार का प्रस्तावित बिल...

- एक साथ तीन बार तलाक (बोलकर, लिखकर या ईमेल, एसएमएस और व्हाट्सएप जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से) कहना गैरकानूनी होगा

- ऐसा करने वाले पति को तीन साल के कारावास की सजा हो सकती है

- यह गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध माना जाएगा

- यह कानून सिर्फ 'तलाक ए बिद्दत' यानी एक साथ तीन बार तलाक बोलने पर लागू होगा

- तलाक की पीड़िता अपने और नाबालिग बच्चों के लिए गुजारा भत्ता मांगने के लिए मजिस्ट्रेट से अपील कर सकेगी

- पीड़ित महिला मजिस्ट्रेट से नाबालिग बच्चों के संरक्षण का भी अनुरोध कर सकती है। मजिस्ट्रेट इस मुद्दे पर अंतिम फैसला करेंगे।

- यह प्रस्तावित कानून जम्मू-कश्मीर को छोड़कर पूरे देश में लागू होगा है।